कश्मीर में सियासी भूचाल! पिता की पुण्यतिथि पर बडगाम में रुहुल्लाह की 'इस्तीफा रैली', प्रशासन ने लगाईं 10 पाबंदियां
आगा रुहुल्लाह मेहदी आज बडगाम के बहिश्त-ए-ज़हरा पार्क में रैली कर NC और सांसद पद से इस्तीफा देंगे। दिन उनके पिता की पुण्यतिथि का है। आरोप है NC ने 370 बहाली का वादा कर वोट लिया और मुकर गई। इसी बीच NC के 20-25 विधायक बागी हैं। प्रशासन ने रैली को 10 शर्तों के साथ अनुमति दी है, सुबह 10 से 1 बजे तक ही सभा, जुलूस पर रोक और राष्ट्र-विरोधी नारों पर प्रतिबंध।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में आज बड़ा दिन है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर चल रहे घमासान के बीच श्रीनगर से पार्टी के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी आज पार्टी और लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने वाले हैं। उन्होंने इसके लिए 3 नवंबर का दिन चुना है, जो उनके पिता आगा सैयद मेहदी की पुण्यतिथि है। आगा रुहुल्लाह आज बडगाम के बहिश्त-ए-ज़हरा पार्क में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। इसी मंच से वे NC छोड़ने और सांसद पद छोड़ने का औपचारिक ऐलान करेंगे।
रैली के लिए पूरे कश्मीर में पोस्टर लगाए गए हैं जिन पर लिखा है - 'इस्तीफे का ऐलान', 'वादा बड़ा है कुर्सी से' और 'किरदार की सियासत, उसूलों की सियासत'। पोस्टरों में रुहुल्लाह और उनके दिवंगत पिता की तस्वीरें हैं। उनके पिता 3 नवंबर 2000 को आतंकियों के IED हमले में शहीद हुए थे। रुहुल्लाह का आरोप है कि NC ने विधानसभा चुनाव में अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली, राजनीतिक कैदियों की रिहाई और जम्मू-कश्मीर के अधिकारों की रक्षा का वादा करके वोट मांगे, लेकिन सत्ता मिलते ही इन वादों को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
उन्होंने X पर जारी बयान में अब्दुल्ला परिवार पर सीधा हमला बोला था - "युवराज और उनका गिरोह जम्मू-कश्मीर को परिवार की जागीर की तरह चलाते हैं। वे उम्मीद करते हैं कि लोग वोट दें और फिर अपनी जगह जानें।" उन्होंने कहा, "इस सड़ांध को भीतर रहकर ठीक नहीं किया जा सकता। यह सीट जनता ने वादे पर दी थी, मैं इस वादे के साथ विश्वासघात का हिस्सा नहीं बनूंगा।" रुहुल्लाह ने स्पष्ट किया है कि उनकी नाराजगी किसी पद न मिलने की वजह से नहीं है और वे हॉर्स-ट्रेडिंग का हिस्सा भी नहीं बनना चाहते। उन्होंने कहा कि NC सरकार को अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा करने देना चाहिए।
रुहुल्लाह के इस्तीफे के बीच NC के 20 से 25 विधायकों ने भी बगावत कर दी है। 31 अक्टूबर को लोलाब विधायक कैसर जमशेद लोन के घर हुई बैठक में विधायकों ने 14 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनकी मांग है कि सभी मौजूदा मंत्रियों को हटाकर नई कैबिनेट बनाई जाए, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को हटाया जाए और चुनावी घोषणापत्र को लागू करने का रोडमैप बनाया जाए। 90 सदस्यीय विधानसभा में NC के पास 41 विधायक हैं, ऐसे में 25 विधायकों की बगावत सरकार के लिए बड़ा संकट है।
बडगाम जिला प्रशासन ने रैली को अनुमति तो दी है, लेकिन 10 कड़ी शर्तें लगाई हैं। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही होगा। सभा केवल बहिश्त-ए-ज़हरा पार्क तक सीमित रहेगी। किसी भी तरह की रैली या जुलूस निकालने की अनुमति नहीं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। किसी भी तरह की राष्ट्र-विरोधी गतिविधि की अनुमति नहीं। राष्ट्र-विरोधी संगठन के बैनर, पोस्टर या सामग्री पर रोक।देश के हितों के खिलाफ किसी भी सामग्री पर प्रतिबंध। केवल शांतिपूर्ण सभा की अनुमति। लाउडस्पीकर की तय सीमा का पालन करना होगा। प्रशासन के निर्देश पर कार्यक्रम तुरंत समाप्त करना होगा।
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