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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 11:11 · नई दिल्ली संस्करण

विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणित

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
विधान परिषद चुनाव ने बिगाड़ा गठबंधन धर्म का गणित


एनडीए में दरार, महागठबंधन में महाभारत

 डॉ कौशलेंद्र कुमार/रासासं

पटना : बिहार में आठ सीटों के लिए हो रहे एमएलसी चुनाव ने गठबंधन धर्म का गणित पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया है। सहयोगी दलों के बीच आपसी घमासान और भीरतघात से न तो एनडीए अछूता है और न ही महागठबंधन। इस चुनाव में कोई भी दल गठबंधन धर्म का पालन करने को तैयार नहीं है।

एनडीए के बीच भी टूटा एलायंस बात एनडीए की करें तो जदयू और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो अपने ही पहलवानों से परेशान है। पटना स्नातक सीट को देखें तो इस सीट से एनडीए समर्थित जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार खड़े हैं जबकि उनके विरोध मे जदयू के ही मोकामा विधायक अनंत सिंह मोर्चा खोले हुए हैं। वे जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। कुछ यही हाल सारण शिक्षक निर्वाचन का भी है। यहां भी जदयू कोटे से एनडीए प्रत्याशी आनंद पुष्कर चुनाव लड़ रहे हैं। यहां उनका विरोध एनडीए के घटक दल रालोमो कर रहा है। आनंद पुष्कर को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद रालोमो के प्रदेश महासचिव रामपुकार सिन्हा ने भी सारण सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इससे गठबंधन के भीतर सीट को लेकर राजनीतिक खींचतान बढ़ गयी है। रामपुकार सिन्हा के समर्थन में रालोमो के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह, विधायक माधव आनंद और विधायक रामेश्वर महतो सामने आ गये है। रालोमो के चार विधायकों में से तीन का बागी होना एनडीए के साथ- साथ पार्टी नेतृत्व के लिए भी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। तीन विधायकों के समर्थन से पार्टी में दो फाड़ जैसे हालात हो गये हैं। एनडीए का यूएसपी अनुशासन और एकजुटता माना जाता है। एक ओर गठबंधन का अधिकृत प्रत्याशी मैदान में है, वहीं दूसरी ओर रालोमो से जुड़े नेताओं का समानांतर प्रत्याशी के समर्थन में आना एनडीए के सेहत के लिए ठीक नहीं माना जा रहा। यदि समय रहते इस मुद़्दे को नहीं सुलझाया गया तो यह चुनावी प्रबंधन को प्रभावित कर सकता है।

खासकर तब जब एनडीए के घटक दलों में शामिल पार्टियों के बीच एमएलसी चुनाव को लेकर कई बार बैठकें हो चुकी है। कैंडिडेट को लेकर एकजुट और एकमत होने का दावा एनडीए के दल कर चुके हैं।

कई सीटों पर नूरा कुश्ती कर रहे इंडी गठबंधन के दल

एमएलसी चुनाव में महागठबंधन के अंदर भी सीटों को लेकर महाभारत मचा हुआ है। राजद, कांग्रेस, सीपीआई और सीपीएम इस चुनाव में आमने-सामने हो गये हैं। सभी दलों ने अपने-अपने प्रत्याशी एक दूसरे के खिलाफ मैदान में उतार दिए हैं। सबसे ज्यादा दिलचस्प स्थिति पटना, दरभंगा कोसी स्नातक और दरभंगा शिक्षक सीट पर है। इन चारों सीटों पर राजद और कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। दरभंगा शिक्षक सीट ने महागठबंधन के बीच के विवाद को और बढ़ा दिया है। कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा एमएलसी मदन मोहन झा को यहां से उम्मीदवार बनाया है। राजद ने यहां भी अपना प्रत्याशी उतार दिया। महागठबंधन के भीतर सिर्फ राजद-कांग्रेस ही नहीं, बल्कि वाम दलों के प्रत्याशियों से भी मुकाबले का समीकरण बदल रहा है। सीपीआई ने सारण शिक्षक और तिरहुत शिक्षक सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि सीपीएम ने दरभंगा शिक्षक सीट पर उम्मीदवार दिया है। यहां भी महागठबंधन दलों के बीच महा मुकाबला होगा।

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