मुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंप

मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत करीब 500 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन बिना अनुमति के किया गया था और इससे इलाके में कानून व्यवस्था बिगड़ी। पुलिस के मुताबिक, शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में क्राइम नंबर 515/26 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 223 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1), 37(3) और 135 के तहत दर्ज हुई है। पुलिस ने बताया कि 2 अक्टूबर को शाम 4 से 7 बजे के बीच शिवाजी पार्क के गेट नंबर 6 पर CJP ने बिना अनुमति के बड़ी भीड़ जुटाई, सभा की, नारेबाजी की और लाउडस्पीकर का तेज आवाज में इस्तेमाल किया।
पुलिस ने कहा कि इस प्रदर्शन के लिए देशभर से युवाओं को बुलाने का दावा किया गया था। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध भी किया था, लेकिन इसके बावजूद संगठन ने प्रदर्शन जारी रखा। FIR में CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके के अलावा अजिंक्य शिंदे, प्रणय अहिरे, आशुतोष रांका, सौरभ दास, आफरीन नवाज, सौम्या कोर्डे, अंकित भारद्वाज, विजय मालगी और योगेश इंगले समेत 400-500 अज्ञात समर्थकों को आरोपी बनाया गया है। दरअसल, CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 'जेल भरो आंदोलन' का ऐलान किया था। संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ी हुई है। इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को एक साथ प्रदर्शन का आह्वान किया गया था।
दिल्ली में भी पुलिस ने अनुमति न होने के कारण प्रदर्शनकारियों पर सख्ती दिखाई और वहां 3 अलग-अलग FIR दर्ज की गईं, करीब 500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज भी शामिल थे। मुंबई में भी इसी तर्ज पर प्रदर्शन के बाद एक्शन हुआ। इस प्रदर्शन में बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी और सिंगर विशाल ददलानी भी शामिल हुए थे, जिससे इस आंदोलन को काफी चर्चा मिली। इस मामले में एक और एंगल भी सामने आया है। प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों की कथित भागीदारी और उनके फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिकायत सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन के सतीश वैद ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से की थी।
NHRC ने इस पर संज्ञान लेते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर, MeitY और X Corp के ग्रीवांस ऑफिसर को नोटिस जारी किया है और एक हफ्ते के अंदर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है। आयोग ने जांच के आदेश दिए हैं कि बच्चे किस परिस्थिति में प्रदर्शन में शामिल हुए और आयोजकों की क्या भूमिका थी।फिलहाल शिवाजी पार्क पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है। वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट के 2013 के आदेश का हवाला देकर अधिवक्ता सिद्धि देवलेकर ने भी पहले ही इस प्रदर्शन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
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