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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 1:32 · नई दिल्ली संस्करण

Delhi: EWS बच्चे के दाखिले पर हाईकोर्ट सख्त, कहा - 5-6 किमी दूरी का बहाना नहीं चलेगा, तुरंत दें एडमिशन

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
Delhi: EWS बच्चे के दाखिले पर हाईकोर्ट सख्त, कहा - 5-6 किमी दूरी का बहाना नहीं चलेगा, तुरंत दें एडमिशन

दिल्ली में EWS कोटे के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बार फिर बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर किसी बच्चे को DOE द्वारा अलॉट किए गए मूल स्कूल में किसी भी जायज या नाजायज कारण से दाखिला नहीं मिल पा रहा है, तो शिक्षा निदेशालय की जिम्मेदारी है कि उसे 5 किलोमीटर के दायरे में दूसरे स्कूल में सीट दिलाए। जस्टिस की बेंच ने कहा कि EWS/DG कैटेगरी के लिए सख्त नेबरहुड क्राइटेरिया फॉलो नहीं किया जा सकता। DOE को हर साल EWS कोटे के लिए बड़ी संख्या में आवेदन मिलते हैं, जबकि सीटें बहुत सीमित होती हैं। एक बार जब DOE ने वैध रूप से स्कूल अलॉट कर दिया है, तो स्कूल किसी एक या दूसरे बहाने से दाखिले से इनकार नहीं कर सकता।

याचिकाकर्ता के अनुसार उसके बच्चे को कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ के जरिए एक निजी स्कूल अलॉट हुआ था, लेकिन स्कूल ने यह कहकर एडमिशन देने से मना कर दिया कि बच्चा स्कूल से 5 से 6 किलोमीटर दूर रहता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि दूरी के नाम पर एडमिशन से इनकार करना पूरी तरह अनुचित है। ऐसी आपत्तियां स्वीकार्य नहीं हैं। कोर्ट ने पुराने आदेश का भी हवाला दिया जिसमें तय किया गया था कि: पहले 1 किमी के दायरे में रहने वाले EWS छात्रों को दाखिला दिया जाए, सीटें खाली रहने पर 3 किमी के दायरे में, फिर भी सीटें खाली रहने पर 6 किमी तक के बच्चों को मौका दिया जाए, 6 किमी से बाहर रहने वाले बच्चों को तभी मौका मिले जब 6 किमी तक के सभी आवेदनों के बाद भी सीटें खाली रह जाएं। लेकिन मौजूदा मामले में कोर्ट ने कहा कि जब मूल स्कूल ही एडमिशन नहीं दे रहा, तो DOE का फर्ज है कि वह बच्चे का भविष्य खराब न होने दे।

कोर्ट ने कहा कि समाज के वंचित वर्ग को बराबरी का मौका देना जरूरी है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को दूसरे बच्चों के साथ पढ़ने का मौका देना शामिल है ताकि वे समाज की मुख्यधारा का हिस्सा बन सकें। अगर ऐसे ही बहानों से EWS कोटे के दाखिले रोके गए तो RTE एक्ट का मकसद ही खत्म हो जाएगा। कोर्ट ने DOE को आदेश दिया कि वह 7 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता बच्चे को 5 किमी के दायरे के किसी दूसरे मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल में सीट अलॉट करे और उसकी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करे। अगर आपका बच्चा भी EWS/DG कैटेगरी में अलॉट होने के बाद स्कूल दूरी या एड्रेस वेरिफिकेशन के नाम पर एडमिशन से मना कर रहा है, तो आप तुरंत DOE के EWS हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं और कोर्ट के इस आदेश का हवाला दे सकते हैं। स्कूल को अब आधार, दूरी या अन्य तकनीकी कारणों से दाखिला रोकने का अधिकार नहीं है।

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