Diwali 2026: दिल्ली में पटाखों को हरी झंडी! SC बोला - पूर्ण बैन से आहत होंगी भावनाएं, सिर्फ इस टाइम पर फोड़ सकेंगे पटाखे

दिवाली का त्योहार आते ही हर साल एक ही सवाल उठता है - क्या दिल्ली में पटाखे बैन होंगे? इस बार सुप्रीम कोर्ट ने इस सवाल का जवाब दे दिया है और राजधानी के लोगों को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि त्योहारी सीजन में पटाखों पर पूरी तरह से पाबंदी नहीं लगाई जाएगी। 30 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्न बी वराले की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। ये सुनवाई 2015 में दायर हुई अर्जुन गोपाल बनाम भारत सरकार याचिका से जुड़ी है, जिसमें बच्चों के स्वास्थ्य पर पटाखों के बुरे असर को लेकर बैन की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बहुत ही संतुलित बात कही। कोर्ट ने कहा, "हम न तो पूरे देश में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के पक्ष में हैं, और न ही हम किसी को 24 घंटे पटाखे फोड़ने की इजाजत देंगे।" जस्टिस सुंदरेश ने कहा कि अगर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया तो इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होंगी। दिवाली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार है और पटाखे इसकी परंपरा का हिस्सा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कोर्ट ने ये भी माना कि अगर बिना रोक-टोक के पटाखे जलाने दिए गए तो इसका सीधा असर बुजुर्गों, बीमार लोगों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और जानवरों पर पड़ेगा। दिल्ली का AQI वैसे ही दिवाली के बाद 400 पार चला जाता है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जनभावना और सेहत दोनों जरूरी हैं, इसलिए बीच का रास्ता निकाला जाएगा। इसके लिए कोर्ट ने 2 बड़े फैसले लिए हैं: पटाखे फोड़ने के लिए एक निश्चित समय तय किया जाएगा। जैसे 2023 और 2024 में कोर्ट ने दिवाली वाले दिन रात 8 बजे से 10 बजे तक और क्रिसमस-न्यू ईयर पर 11:55 से 12:30 तक की छूट दी थी। इस बार भी 2-3 घंटे का विंडो दिया जा सकता है। इस समय के बाहर पटाखा फोड़ने पर 10 हजार रुपये तक का चालान हो सकता है। कोर्ट ने NEERI द्वारा विकसित नेक्स्ट-जेन ग्रीन पटाखों को हरी झंडी दी है। इसमें बेरियम वाले पटाखों पर रोक रहेगी।
केंद्र सरकार ने लड़ी वाले पटाखों (जॉइंट ग्रीन क्रैकर्स) की भी मांग रखी है, जिसे कोर्ट ने शर्तों के साथ मानने का मन बनाया है। ये पटाखे 30% कम प्रदूषण करते हैं। कोर्ट ने CPCB और केंद्र सरकार को 15 अक्टूबर तक का समय दिया है। उन्हें बेरियम की जांच रिपोर्ट और पटाखों के शोर (डेसिबल लेवल) की टेस्ट रिपोर्ट पेश करनी होगी। इसके बाद तय होगा कि कौन से पटाखे बिकेंगे और कौन से नहीं। कुल मिलाकर इस बार दिल्ली वालों को दिवाली मनाने की पूरी छूट मिलेगी, लेकिन लिमिट के साथ। ग्रीन पटाखे जलाओ, खुशियां मनाओ, लेकिन टाइम पर।
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