Delhi वालों ध्यान दो! 1 नवंबर से बड़े एक्शन की तैयारी - महंगी पार्किंग और बाहरी गाड़ियों पर बैन

दिल्ली में सर्दियों से पहले ही प्रदूषण को लेकर सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। हर साल नवंबर-दिसंबर में धुंध और जहरीली हवा से जूझने वाली राजधानी के लिए सरकार ने इस बार सबसे सख्त विंटर एक्शन प्लान 2026-27 तैयार किया है। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और PWD मंत्री प्रवेश वर्मा के साथ बैठक के बाद बड़े फैसलों का ऐलान किया है। सबसे बड़ा फैसला बाहरी गाड़ियों को लेकर है। 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसी सभी कमर्शियल और निजी गाड़ियां जो BS-6 मानक को पूरा नहीं करतीं, उनकी दिल्ली में एंट्री पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
इसमें BS-4 पेट्रोल-डीजल वाहन शामिल हैं। हालांकि CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस रोक से छूट दी गई है।सरकार ने कहा है कि नियम लागू करने से पहले लोगों को जागरूक किया जाएगा और बॉर्डर पर सख्त चेकिंग होगी। निजी कारों का इस्तेमाल घटाने के लिए सरकार ने जेब पर सीधा असर डालने वाला फैसला लिया है। 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक दिल्ली के सभी अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा। मतलब अगर अभी 20 रुपये प्रति घंटा लग रहा है तो वही 40 रुपये देना होगा। इसका मकसद लोगों को मेट्रो और बस की तरफ धकेलना है। राहत की बात ये है कि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और DMRC यानी दिल्ली मेट्रो की पार्किंग पर ये बढ़ोतरी लागू नहीं होगी।
ट्रैफिक का प्रेशर कम करने के लिए 1 नवंबर से 28 फरवरी तक सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के दफ्तरों में 50% स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम करना होगा। साथ ही ऑफिस टाइम भी बदल दिया गया है - MCD के दफ्तर सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे ताकि पीक ऑवर में भीड़ न हो। 1 अक्टूबर से ही दिल्ली के 500 पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरों से 'No PUC - No Fuel' नियम मिशन मोड में लागू होगा।बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के किसी भी गाड़ी को ईंधन नहीं मिलेगा। 2.5 लाख गाड़ियों की फिटनेस जांच भी की जाएगी।
धूल प्रदूषण रोकने के लिए दो चरणों में निर्माण पर रोक लगेगी। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक बाहर होने वाले धूल वाले निर्माण और तोड़फोड़ के काम बंद रहेंगे।और सबसे खतरनाक पीरियड 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक सभी तरह के निर्माण, यहां तक कि घरों के अंदर के काम पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।निर्माण साइटों पर 100% CCTV और मलबा ऐप पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। निगरानी के लिए 334 प्रवर्तन टीमें, 60 एयर मॉनिटरिंग स्टेशन और AI-कमांड सेंटर 24 घंटे एक्टिव रहेंगे।साथ ही बेड़े में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी। सीधा मतलब है, इस बार दिल्ली सरकार सर्दी आने से पहले ही सख्ती दिखाकर प्रदूषण पर लगाम लगाना चाहती है।
विषय





