Delhi-NCR: नोएडा से 20 मिनट में AIIMS, 9 साल बाद बना बारापूला फेज-3, अमित शाह ने किया उद्घाटन

दिल्ली वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 9 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बारापूला फेज-3 फ्लाईओवर बनकर तैयार हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज इस एलिवेटेड रोड का उद्घाटन किया। इसके शुरू होने से नोएडा, मयूर विहार और अक्षरधाम से एम्स, आईएनए और दिल्ली एयरपोर्ट तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा। अभी तक नोएडा से एम्स जाने के लिए लोगों को आश्रम और धौला कुआं के जाम से जूझना पड़ता था। 1 से डेढ़ घंटे का समय लगता था। लेकिन अब बारापूला फेज-3 के जरिए आप बिना किसी ट्रैफिक सिग्नल के सीधे एम्स पहुंच सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा से एम्स का सफर अब सिर्फ 20 से 25 मिनट में पूरा हो जाएगा।
यह फ्लाईओवर मयूर विहार से शुरू होकर सराय काले खां, यमुना नदी को पार करते हुए एम्स के पास मिलता है। इसकी कुल लंबाई करीब 3.5 किलोमीटर है। इस प्रोजेक्ट का ऐलान 2015 में हुआ था और 2017 तक इसे पूरा होना था। लेकिन यमुना के डूब क्षेत्र में निर्माण की अनुमति न मिलने, पेड़ों को काटने की मंजूरी और अतिक्रमण के कारण यह प्रोजेक्ट 9 साल लेट हो गया। कई बार इसका बजट भी बढ़ाना पड़ा। पहले इस प्रोजेक्ट की लागत 1,200 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 1,948 करोड़ रुपये हो गई है। दिल्ली सरकार और PWD के मुताबिक, यह दिल्ली के सबसे कठिन प्रोजेक्ट्स में से एक था क्योंकि इसका आधा हिस्सा यमुना नदी के ऊपर बना है।
उद्घाटन समारोह में अमित शाह ने कहा कि डबल इंजन की सरकार दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर को बदल रही है। यह फ्लाईओवर सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि दिल्ली को जाम से मुक्ति दिलाने का एक बड़ा कदम है। इससे रोजाना करीब 1 लाख से ज्यादा वाहनों को फायदा मिलेगा और फ्यूल और समय दोनों की बचत होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दिल्ली में यमुना पर नए ब्रिज और रिंग रोड के लिए भी बजट जारी किया है। नोएडा और पूर्वी दिल्ली के लोग को दक्षिणी दिल्ली और एयरपोर्ट जाने के लिए आश्रम का जाम नहीं झेलना पड़ेगा। मरीजों को एम्स जाने वाले मरीजों के लिए यह लाइफलाइन साबित होगा। एम्बुलेंस को अब जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
एयरपोर्ट यात्रियों को नोएडा से एयरपोर्ट का सफर अब 40 मिनट में पूरा हो सकेगा। PWD अधिकारियों ने बताया कि उद्घाटन के 24 घंटे के अंदर यानी कल सुबह 8 बजे से इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। शुरुआत में इस पर सिर्फ हल्के वाहन चल सकेंगे, भारी वाहनों को फिलहाल अनुमति नहीं दी गई है। फ्लाईओवर पर 100 से ज्यादा CCTV कैमरे और स्पीड सेंसर लगाए गए हैं ताकि ओवरस्पीडिंग को रोका जा सके।
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