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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:11 · नई दिल्ली संस्करण

AI से बनाया PM के साथ अश्लील फोटो, जंतर-मंतर पर बैनर लहराए... अब HC सख्त, आज होगी अर्जेंट सुनवाई

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
AI से बनाया PM के साथ अश्लील फोटो, जंतर-मंतर पर बैनर लहराए... अब HC सख्त, आज होगी अर्जेंट सुनवाई

दिल्ली में डीपफेक फोटो विवाद को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। CJP संगठन के चार कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज हुई है और आज दिल्ली हाईकोर्ट में इस पर अर्जेंट सुनवाई होगी। मामला एक 25 साल की महिला की याचिका से जुड़ा है। महिला ने आरोप लगाया है कि CJP से जुड़े कार्यकर्ताओं सौरव दास, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह ने उसकी निजी तस्वीरों को AI तकनीक से मॉर्फ करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अश्लील डीपफेक फोटो बनाई और उसे वायरल कर दिया।

पीड़िता के मुताबिक जुलाई 2026 में जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान इस डीपफेक तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान इस तस्वीर के बड़े-बड़े बैनर छपवाकर भीड़ में घुमाए गए और उसके खिलाफ यौन रूप से भद्दे और अपमानजनक नारे लगाए गए। इतना ही नहीं, इस प्रदर्शन का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैला दिया गया। महिला का कहना है कि उसकी बिना इजाजत निजी तस्वीर ली गई और AI फेस-स्वैप टूल से उसका चेहरा बदलकर बेहद आपत्तिजनक तस्वीर तैयार की गई। इससे उसे मानसिक प्रताड़ना, सामाजिक अपमान और साइबर बुलिंग का सामना करना पड़ा।

इस मामले में दिल्ली पुलिस के साइबर पुलिस स्टेशन में 24 सितंबर को FIR नंबर 22/2026 दर्ज की गई है। FIR IT एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में दर्ज हुई है। महिला का आरोप है कि FIR दर्ज होने के बावजूद न तो आरोपियों पर कोई कार्रवाई हुई और न ही मेटा समेत अन्य प्लेटफॉर्म को कंटेंट हटाने का नोटिस दिया गया, जिस कारण डीपफेक आज भी इंटरनेट पर वायरल है। हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड में अभी आरोपी अज्ञात दिखाए गए हैं। पुलिस ने औपचारिक रूप से चारों को नामजद नहीं किया है और डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है।

पीड़िता ने अब दिल्ली हाईकोर्ट में आपराधिक रिट याचिका दायर की है। याचिका में मांग की गई है कि सभी मॉर्फ्ड फोटो, वीडियो, बैनर को सोशल मीडिया, पोर्न साइट्स और मिरर डोमेन से तुरंत हटाया और ब्लॉक किया जाए। साथ ही पुलिस सुरक्षा और FIR की तेज जांच की भी मांग की गई है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आज ही दोपहर बाद सुनवाई की सहमति दे दी है। वकील उमेश शर्मा ने कोर्ट में मेंशनिंग की थी।

यह मामला ऐसे समय आया है जब CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से मुंबई में देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। इससे पहले BJP नेता गौरव भाटिया ने भी CJP पर AI से फेक कंटेंट बनाने का आरोप लगाया था, तब सौरव और आशुतोष ने कंटेंट हटाने पर सहमति जताई थी।

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