प्रेमानंद के शिष्य का खौफनाक CCTV! खून से सने कपड़ों में गया छत पर और...
वृंदावन में प्रेमानंद जी के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का नया CCTV सामने आया है। वीडियो में वह खून से सने कपड़ों में चौथे फ्लोर की ओर जाते दिखे। छत पर कुछ देर बैठे, फिर लेटे और अचानक छलांग लगा दी। कमरे से खून से सना ग्राइंडर मिला, पोस्टमॉर्टम में गुप्तांग पर कट मिला, पुलिस जांच जारी है।

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। अब इस घटना से जुड़ा एक और नया CCTV वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस जांच को एक नया मोड़ दे दिया है। इस नए फुटेज में दीपक सीढ़ियों से ऊपर की तरफ जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उसी समय का है जब उनके शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे और कपड़ों पर खून लगा हुआ था। इसके कुछ ही मिनट बाद वह चौथी मंजिल की छत से नीचे गिर गए। हालांकि इस फुटेज की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन पुलिस इसे मौत से पहले के आखिरी 11 मिनट की सबसे अहम कड़ी मान रही है।
पुलिस के मुताबिक पहले सामने आए दो CCTV वीडियो में पूरी घटना का क्रम दर्ज है। पहले वीडियो में दीपक सुबह करीब 10:25 बजे अपने कमरा नंबर 21 से बाहर निकलते हैं। उस वक्त उन्होंने एक धोती लपेट रखी थी जिस पर खून के धब्बे थे। उनके चलने का तरीका असामान्य था। दूसरे वीडियो, जो चौथी मंजिल की छत पर लगे कैमरे का है, उसमें 4 सीन साफ दिखते हैं। वह छत की बाउंड्री वॉल पर चुपचाप बैठे हैं। 6 सेकंड बाद उठकर फर्श पर सीधे लेट जाते हैं, करीब 10 सेकंड तक लेटे रहते हैं। अचानक उठते हैं और बाउंड्री से नीचे छलांग लगा देते हैं। उन्हें कूदता देख पास से गुजर रहा एक अन्य शिष्य दौड़कर नीचे झांकता है।
नए तीसरे CCTV में वह सीढ़ियों से चौथे फ्लोर की तरफ जाते हुए दिख रहे हैं, जो पहले और दूसरे वीडियो के बीच की कड़ी को जोड़ता है। 40 फीट की ऊंचाई से वह सीधे सड़क पर गिरे। मौके पर मौजूद दो साइकिल सवार डर गए। उन्हें तुरंत सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद जब पुलिस ने उनके कमरे की तलाशी ली तो वहां खून से सना एक टाइल्स काटने वाला इलेक्ट्रिक ग्राइंडर मिला। पुलिस ने उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। ग्राइंडर पर मिले फिंगरप्रिंट की भी जांच हो रही है। 26 सितंबर को दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम किया। रिपोर्ट में शरीर पर कुल 6 से 7 जगह चोटों का जिक्र है।
सिर, पैर की एड़ी, पसलियों में फ्रैक्चर और गुप्तांग पर गंभीर कट के निशान मिले हैं। मौत की वजह हेमोरेजिक शॉक यानी शरीर से अत्यधिक खून बह जाना बताया गया है। सबसे हैरान करने वाली बात जो डॉक्टरों ने कही, वह यह कि इतनी गंभीर चोट के बाद भी CCTV में उनके चेहरे पर चीखने-चिल्लाने या तड़पने जैसा कोई भाव नहीं दिखा। इसी वजह से मथुरा के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने भी आश्चर्य जताया है। मथुरा SSP श्लोक कुमार और CO संदीप सिंह ने बताया कि पुलिस किसी भी साजिश से इनकार करने से पहले मोबाइल की फॉरेंसिक जांच और ब्लड टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जांच की जा रही है कि क्या घटना के समय वह किसी नशीले पदार्थ के प्रभाव में थे। उनका मोबाइल और आश्रम का DVR सील कर दिया गया है।
दीपक मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। दो साल पहले वृंदावन आकर प्रेमानंद जी से दीक्षा ली थी और नाम रसिक दुलारी शरण रख लिया था। बिजली का काम जानने के कारण उन्हें आश्रम में सेवा का काम दिया गया था। पिछले तीन महीने से वह वाराह घाट स्थित गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग में रह रहे थे। अंतिम संस्कार के वक्त पहुंची मां लौंग बाई ने कहा कि दो साल से बेटे से बात नहीं हुई थी और मिलने भी नहीं दिया जाता था। परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि अभी तक की जांच में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन गुप्तांग पर चोट खुद पहुंचाई गई या कोई और वजह थी, यह फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा।




