संजय निषाद का बवाल वाला बयान, सुल्तानपुर में बोले- हाथ उठाए तो काटकर फेंक दो, जमानत हम करवाएंगे...
सुल्तानपुर में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने विवादित बयान दिया। जनसभा में बोले- "अगर कोई आप पर हाथ उठाए तो उसका हाथ तोड़कर काटकर फेंक दो, जमानत मैं दिलवाऊंगा।" पुलिस की चिंता मत करो। उन्होंने हर घर पर निषाद पार्टी का झंडा लगाने और दूसरी पार्टी के नेता को मोहल्ले से भगाने को भी कहा। वीडियो वायरल है।

योगी सरकार के सहयोगी और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। रविवार को सुल्तानपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मंच से ऐसा बयान दे दिया जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और सियासत गरमा गई है। सुल्तानपुर के एक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संजय निषाद जोश में आ गए। उन्होंने अपने समाज के लोगों से कहा, "अगर कोई आपके ऊपर हाथ उठाए, तो आज के बाद हमारी तरफ से आदेश है - हाथ तोड़कर काटकर फेंक दो, हम तुम्हें जमानत करवा देंगे।" मंत्री ने आगे कहा कि पुलिस और कानून की चिंता करने की जरूरत नहीं है। "घबराना मत, तुम्हारी जमानत हम करवाएंगे।" उन्होंने कहा कि निषाद समाज अब कमजोर नहीं है, उसे डरने की जरूरत नहीं।
इतना ही नहीं, मंत्री ने कार्यकर्ताओं से हर घर पर निषाद पार्टी का झंडा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह झंडा सिर्फ कपड़ा नहीं है, यह आपके बच्चों के भविष्य, शिक्षा, सम्मान और सुरक्षा की गारंटी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि अगर दूसरी पार्टी का कोई नेता उनके मोहल्ले में अपना झंडा लेकर आए तो उसका स्वागत मत करो, उसे वहां से भगा दो। इस दौरान संजय निषाद ने सुल्तानपुर के मौजूदा सपा सांसद रामभुआल निषाद को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी ने रामभुआल निषाद को सुल्तानपुर से अपना प्रत्याशी बनाया था, तब उन्होंने अपने ही समाज के खिलाफ प्रचार करने से साफ इनकार कर दिया था। "मैंने उसी समय कह दिया था कि मैं अपने निषाद समाज के खिलाफ प्रचार नहीं करूंगा। मैं सिर्फ नामांकन प्रक्रिया में शामिल हुआ था और उसके बाद समाज के खिलाफ कोई प्रचार नहीं किया," संजय निषाद ने मंच से कहा।
यह पहला मौका नहीं है जब संजय निषाद ने ऐसा बयान दिया हो। इससे पहले भी इसी सुल्तानपुर में उन्होंने पुलिस को लेकर विवादित बयान दिया था। कार्यकर्ताओं ने शिकायत की थी कि पुलिस उनकी सुनवाई नहीं करती, तो उन्होंने कहा था- "मैं यहां ऐसे ही नहीं पहुंचा हूं, सात दरोगाओं का हाथ-पैर तुड़वाकर और उन्हें गड्ढे में फेंकवा कर तब यहां तक पहुंचा हूं।" संजय निषाद के इस ताजा "हाथ काटकर फेंक दो" वाले बयान पर अभी तक पुलिस-प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन विपक्षी दलों ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए सीधा खतरा बताया है। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि क्या एक कैबिनेट मंत्री को इस तरह हिंसा भड़काने की खुली छूट देना सही है? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संजय निषाद निषाद वोटबैंक को एकजुट करने और NDA के अंदर अपनी सौदेबाजी की ताकत बढ़ाने के लिए इस तरह के आक्रामक बयान दे रहे हैं।





