कुर्सी पर थप्पड़ तक आ गई नौबत, अखिलेश का बड़ा एक्शन - गोरखपुर सपा भंग
गोरखपुर प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुर्सी विवाद में पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को थप्पड़ मारने के आरोप में सपा ने सख्त एक्शन लिया है। आरोपी नेता अंशुमान सिंह को तुरंत निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद अखिलेश यादव के निर्देश पर जिला, महानगर और सभी फ्रंटल संगठनों की कार्यकारिणियां भंग कर दी गईं। पुलिस ने दो FIR दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए थप्पड़ कांड ने पार्टी आलाकमान को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गोरखपुर की पूरी जिला कार्यकारिणी, महानगर कार्यकारिणी और सभी फ्रंटल संगठनों की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। साथ ही मुख्य आरोपी नेता अंशुमान सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। घटना शनिवार 4 अक्टूबर को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में हुई। सपा जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम 'लोकतंत्र बचाओ सप्ताह' अभियान को लेकर प्रेस वार्ता कर रहे थे। इसी दौरान मंच पर कुर्सी पर बैठने को लेकर विवाद शुरू हो गया।
विवाद पूर्व जिलाध्यक्ष अधिवक्ता राम नगीना साहनी और गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से दावेदारी कर रहे वरिष्ठ नेता अंशुमान सिंह के बीच हुआ। देखते ही देखते कहासुनी गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को थप्पड़ जड़ दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे पार्टी की जमकर फजीहत हुई। घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पार्टी ने अंशुमान सिंह को अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित कर दिया। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। रविवार को अखिलेश यादव के निजी सचिव गंगा राम द्वारा जारी पत्र में बताया गया कि गोरखपुर की जिला कार्यकारिणी, महानगर कार्यकारिणी के साथ-साथ सभी फ्रंटल संगठनों की जिला-महानगर इकाइयां और प्रदेश कार्यकारिणी में गोरखपुर से जुड़े सभी पदाधिकारियों को भी पदमुक्त कर दिया गया है।
यानी जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम और महानगर अध्यक्ष सहित पूरी टीम को हटा दिया गया है। इस आदेश की कॉपी राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव रामगोपाल यादव और प्रदेश अध्यक्ष को भी भेजी गई है। इस मामले में दो FIR दर्ज हुई हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी की तहरीर पर अंशुमान सिंह, उनके बेटों और समर्थकों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का केस दर्ज हुआ है। वहीं प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी की तहरीर पर जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम समेत 12 नामजद लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। एक आरोपी की गिरफ्तारी की खबर भी सामने आ रही है, जबकि अंशुमान सिंह की तलाश जारी है।
सपा में गोरखपुर की गुटबाजी नई नहीं है। कैंपियरगंज टिकट को लेकर खींचतान, जफर अमीन डक्कू प्रकरण और लगातार शक्ति प्रदर्शन से संगठन में असंतोष था। अखिलेश यादव ने इसे गंभीरता से लेते हुए यह संदेश दिया है कि अनुशासन से समझौता नहीं होगा। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह कार्रवाई संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की कवायद मानी जा रही है। अब गोरखपुर में सपा संगठन का पुनर्गठन किया जाएगा।




