उमर अब्दुल्ला का मास्टर स्ट्रोक 2.0: कैबिनेट में 4 नए दिग्गज, सारा ध्यान घाटी पर, कांग्रेस को नो एंट्री!
जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला कैबिनेट का बड़ा फेरबदल हुआ। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 4 नए मंत्रियों - अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ वानी कल्लू को लोक भवन में शपथ दिलाई। चारों कश्मीर घाटी से हैं। फेरबदल में सतीश शर्मा को हटाया गया। कांग्रेस को ऑफर मिला था, लेकिन PCC चीफ तारिक कर्रा ने राज्य का दर्जा मिलने तक शामिल होने से इनकार कर दिया। अब कैबिनेट में 9 मंत्री हो गए हैं।

जम्मू-कश्मीर की सियासत में आज बड़ा दिन रहा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने मंत्रिमंडल का पहला बड़ा विस्तार और फेरबदल कर दिया है। करीब दो साल बाद हुए इस रिशफल में चार नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया गया है। खास बात ये है कि चारों नए मंत्री कश्मीर घाटी से हैं और कांग्रेस को एक बार फिर से कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। आज सुबह 10:30 बजे श्रीनगर के लोक भवन ऑडिटोरियम में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने चारों विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। शपथ लेने वालों में नेशनल कॉन्फ्रेंस के दिग्गज अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद वानी उर्फ कल्लू शामिल हैं।
अली मोहम्मद सागर: NC के जनरल सेक्रेटरी और सात बार के विधायक। 1983 में पहली बार बटमालू से जीते थे, कभी चुनाव नहीं हारे। 2024 में खनयार सीट से जीते। उर्दू में शपथ ली। मीर सैफुल्लाह: उत्तर कश्मीर के कद्दावर नेता। कुपवाड़ा से तीन बार विधायक रहे हैं, इस बार त्रेहगाम सीट से जीते हैं। चार बार के MLA हैं। शमीमा फिरदौस: हब्बा कदल से तीसरी बार विधायक बनीं। पार्टी की महिला विंग की अध्यक्ष हैं। कैबिनेट में सकीना इटू के बाद दूसरी महिला मंत्री होंगी। यह एक सरप्राइज एंट्री मानी जा रही है। अल्ताफ अहमद वानी (कल्लू): पहलगाम से दो बार के विधायक। पहली बार मंत्री बने हैं। इस विस्तार के साथ जम्मू-कश्मीर कैबिनेट अपनी अधिकतम संख्या 9 (मुख्यमंत्री समेत) पर पहुंच गई है।
पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत 90 सदस्यों वाली विधानसभा में केवल 10% यानी 9 मंत्री ही बन सकते हैं। फेरबदल से पहले सभी मंत्रियों ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंप दिया था। सूत्रों के मुताबिक निर्दलीय कोटे से मंत्री बने सतीश शर्मा को ड्रॉप कर दिया गया है। जावेद राणा को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है। वहीं सबसे बड़ा सियासी एंगल कांग्रेस का है। उमर अब्दुल्ला ने कल शाम खुद PCC चीफ तारिक हमीद कर्रा को फोन कर कैबिनेट में शामिल होने का ऑफर दिया था। लेकिन कर्रा ने साफ मना कर दिया। कांग्रेस का स्टैंड है कि जब तक जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक वह सरकार में शामिल नहीं होगी। कांग्रेस बाहर से समर्थन जारी रखेगी।
चारों नए मंत्री कश्मीर से हैं - सागर और फिरदौस श्रीनगर से, सैफुल्लाह उत्तर कश्मीर से और कल्लू दक्षिण कश्मीर से। इसके बाद कैबिनेट में 7 मंत्री कश्मीर से और 2 जम्मू से हो गए हैं। डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी कैबिनेट के इकलौते हिंदू चेहरे बने रहेंगे। NC का कहना है कि यह फेरबदल सीनियरिटी और बेहतर प्रशासन के लिए किया गया है, ताकि लोगों की शिकायतों का तेजी से समाधान हो सके।
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