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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 · दोपहर 12:24 · नई दिल्ली संस्करण

जेल से जीतकर विधायक बने, अब फिर जाएंगे जेल? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने खोली 62 केसों की कुंडली

बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की जेल वापसी का फैसला 3 दिन बाद 30 अक्टूबर को होगा। दुलारचंद यादव हत्याकांड में मिली जमानत को दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। 1 नवंबर 2025 को गिरफ्तार अनंत सिंह जेल से ही चुनाव जीते थे और 19 मार्च 2026 को बेल पर बाहर आए। बिहार सरकार ने हलफनामे में 62 केस बताए हैं। हाल ही में JDU ने उन्हें पार्टी से निकाला है।

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जेल से जीतकर विधायक बने, अब फिर जाएंगे जेल? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने खोली 62 केसों की कुंडली

मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत पर अब सुप्रीम कोर्ट में तलवार लटक रही है। सिर्फ 3 दिन बाद यानी 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर अहम सुनवाई होनी है। अगर कोर्ट ने जमानत रद्द कर दी, तो 'छोटे सरकार' को फिर से बेऊर जेल जाना पड़ सकता है। यह मामला पिछले साल विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान मोकामा के टाल क्षेत्र में जन सुराज के कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की हत्या हो गई थी। आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह के काफिले और जन सुराज समर्थकों में हिंसक झड़प हुई।



इस मामले में 1 नवंबर 2025 को अनंत सिंह को गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया गया। जेल में रहते हुए ही उन्होंने जेडीयू के टिकट पर मोकामा से चुनाव लड़ा और राजद की वीणा देवी को 28,206 वोटों से हराकर जीत हासिल की। उन्हें 91,416 वोट मिले थे। करीब 4 महीने जेल में रहने के बाद पटना हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2026 को उन्हें जमानत दी और वह 23 मार्च को जेल से बाहर आए। 30 अक्टूबर की तारीख दो वजहों से बेहद अहम है। पहला, इसी दिन सुप्रीम कोर्ट में उनकी जमानत रद्द करने वाली याचिका पर सुनवाई है। दूसरा, इसी दिन दुलारचंद यादव की हत्या की पहली बरसी भी है। यह याचिका दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने दायर की है। 



उन्होंने पटना हाईकोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती देते हुए कहा है कि जमानत देते समय कोर्ट ने अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास पर ध्यान नहीं दिया। उनकी याचिका में 67 आपराधिक मामलों का जिक्र है। बिहार सरकार ने 24 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल किया है। सरकार ने कहा है कि पुलिस जांच में अनंत सिंह के खिलाफ आरोप सही पाए गए हैं। सरकार के मुताबिक अनंत सिंह पर 62 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, वसूली और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस ने जनवरी 2026 में अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।



पिछले 48 घंटे अनंत सिंह के लिए भारी रहे हैं। JDU के MLC कैंडिडेट नीरज कुमार का विरोध करने पर पार्टी ने उन्हें और उनकी पत्नी पूर्व विधायक नीलम देवी को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। इसके बाद नीलम देवी को बीस सूत्री समिति से हटाया गया, उप-मंत्री का दर्जा खत्म किया गया और सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस भी दे दिया गया। अब सबकी नजर 30 अक्टूबर पर टिकी है। सुनवाई होना जमानत रद्द होने की गारंटी नहीं है, लेकिन अगर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली तो अनंत सिंह को फिर से जेल जाना पड़ सकता है और उनकी विधायकी पर भी तलवार लटक सकती है।

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