न सिर्फ घर, पूरा जीवन देगा अनंत आश्रय - नीता-ईशा अंबानी ने किया ऐतिहासिक टाउनशिप का शिलान्यास
रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी और डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कर्जत में ‘नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय’ का भूमि पूजन किया। 100 एकड़ में फैली यह टाउनशिप 5,000 अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को जीवनभर का प्यार भरा घर देगी। आठ पवित्र नदियों के नाम पर बसे इस परिसर में अस्पताल, स्कूल और रोजगार केंद्र होंगे। केयरगिवर्स सहित 15,000 लोगों का समुदाय यहां गरिमापूर्ण जीवन जिएगा।

मुंबई से करीब 60 किमी दूर कर्जत की हरी-भरी वादियों में जल्द ही इंसानियत की एक नई मिसाल बनने जा रही है। रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर और चेयरपर्सन नीता एम अंबानी और फाउंडेशन की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने अपने जन्मदिन के खास मौके पर एक ऐतिहासिक पहल की नींव रखी है। दोनों ने कर्जत में प्रस्तावित साइट पर ‘नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय’ के भूमि पूजन और ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी में पट्टिका का अनावरण किया। यह कोई आम टाउनशिप नहीं, बल्कि 100 एकड़ में फैला एक ऐसा गांव होगा, जो 5,000 जरूरतमंद लोगों को सिर्फ छत नहीं, बल्कि एक परिवार, एक पहचान और गरिमापूर्ण जीवन देगा।
रिलायंस फाउंडेशन द्वारा घोषित यह टाउनशिप एक परमानेंट, नॉट-फॉर-प्रॉफिट संस्था के तौर पर विकसित की जाएगी। यहां अनाथ बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और डेवलपमेंटल डिसेबिलिटी वाले व्यक्ति एक साथ, एक समुदाय के रूप में रहेंगे। नीता अंबानी ने इस मौके पर कहा, "यह 5000 से ज्यादा लोगों के लिए एक प्यार भरा समुदाय होगा, एक ऐसा घर जो जीवन के हर पड़ाव पर उनके साथ खड़ा रहेगा।" उनका मानना है कि हर व्यक्ति को सम्मान, देखभाल और अपनेपन का अधिकार है। यह प्रोजेक्ट फेज वाइज विकसित किया जाएगा और सभी जरूरी वैधानिक मंजूरियों के बाद इसे पूरा किया जाएगा। एक बार पूरी तरह से बन जाने के बाद, यहां सिर्फ 5,000 निवासी ही नहीं, बल्कि उनके केयरगिवर्स, डॉक्टर, नर्स, सपोर्ट स्टाफ और उनके परिवारों को मिलाकर लगभग 15,000 लोगों का एक आत्मनिर्भर और जीवंत समुदाय बसेगा।
इस टाउनशिप की सबसे खूबसूरत बात इसकी डिजाइन है। इसे पारंपरिक संस्था की तरह नहीं, बल्कि परिवार जैसी फीलिंग वाले छोटे-छोटे घरों में बांटा जाएगा। हर घर में हाउस पेरेंट्स और समर्पित केयरगिवर्स होंगे। पूरे 100 एकड़ परिसर को आठ रेजिडेंशियल विलेज में बांटा जाएगा, जिनका नाम भारत की आठ पवित्र नदियों के नाम पर रखा जाएगा - जैसे गंगा, यमुना, सरस्वती। ताकि हर निवासी को भारतीय संस्कृति से जुड़ाव महसूस हो। अनंत आश्रय में रहने वालों के लिए हर जरूरत का ख्याल रखा गया है: विशेष अस्पताल: जहां डेवलपमेंटल मेडिसिन, एपिलेप्सी केयर, स्पेशल-नीड्स डेंटिस्ट्री और पैलिएटिव केयर जैसी सुविधाएं होंगी। रिहैबिलिटेशन सेंटर: फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी और हाइड्रोथेरेपी। शिक्षा और रोजगार: बच्चों के लिए स्कूल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और वयस्कों के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
गरिमापूर्ण जीवन: खेती, कला, खेल और सामुदायिक गतिविधियों के जरिए जीवन में उद्देश्य और खुशी लाना। 1 नवंबर को अपने जन्मदिन पर नीता अंबानी ने इस प्रोजेक्ट की घोषणा कर इसे समाज को एक तोहफे के रूप में दिया। इस समारोह में मुकेश अंबानी और अंबानी परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। ईशा अंबानी की मौजूदगी ने इस महिला-नेतृत्व वाले सेवा विजन को और मजबूती दी। रिलायंस फाउंडेशन, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज की परोपकारी शाखा है, का यह अब तक का सबसे मानवीय और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना जा रहा है। अनंत आश्रय सिर्फ इमारतों का समूह नहीं, बल्कि एक वादा है कि कोई भी अकेला नहीं है, सबके लिए एक घर है जहां प्यार अनंत है।
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