बैलट पेपर पर भी हारी कांग्रेस, अश्विनी वैष्णव बोले - अब तो EVM का बहाना बंद करो...
कर्नाटक MLC की चार सीटों पर बैलट पेपर से हुए चुनाव में बीजेपी-जेडीएस ने क्लीन स्वीप किया है। 23 अक्टूबर को हुई वोटिंग में बीजेपी ने 3 और जेडीएस ने 1 सीट जीती। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, बैलट पेपर से भी बीजेपी जीती, इससे साबित होता है कि हार EVM से नहीं, जनविश्वास की कमी से होती है। कांग्रेस लगातार EVM पर सवाल उठा रही थी, लेकिन बैलट पर भी जनता ने उसे नकार दिया।

बेंगलुरु/नई दिल्ली: कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों पर बैलट पेपर से हुए चुनाव में बीजेपी-जेडीएस गठबंधन ने क्लीन स्वीप कर दिया है। इस जीत के बाद बीजेपी ने कांग्रेस के EVM वाले नैरेटिव पर बड़ा हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि कर्नाटक में बैलट पेपर से चुनाव होने के बाद भी बीजेपी ने चारों सीट जीत ली, इससे साफ है कि जनता का भरोसा PM मोदी और NDA पर है, EVM या बैलट पेपर पर नहीं। दरअसल, 23 अक्टूबर को कर्नाटक की 4 MLC सीटों - नॉर्थ-ईस्ट टीचर्स, बेंगलुरु टीचर्स, साउथ-ईस्ट ग्रेजुएट्स और वेस्ट ग्रेजुएट्स पर मतदान हुआ था। परंपरा के मुताबिक इन चुनावों में EVM नहीं, बल्कि बैलट पेपर का इस्तेमाल होता है। मतगणना 28 अक्टूबर को हुई जिसमें NDA ने 4-0 से जीत दर्ज की।
बीजेपी ने तीन सीटें - नॉर्थ-ईस्ट टीचर्स, साउथ-ईस्ट ग्रेजुएट्स और वेस्ट ग्रेजुएट्स जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी जेडीएस ने बेंगलुरु टीचर्स सीट कांग्रेस से छीन ली। बेंगलुरु टीचर्स सीट पर जेडीएस के ए पी रंगनाथ ने कांग्रेस के पांच बार के MLC पुट्टन्ना को 908 वोटों से हराया। नॉर्थ-ईस्ट टीचर्स से बीजेपी के शशिल जी नमोशी ने पांचवीं बार जीत हासिल की, साउथ-ईस्ट ग्रेजुएट्स से के एम सुरेश ने 23,098 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की, और वेस्ट ग्रेजुएट्स से एस वी संकानूर जीते। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर लिखा, "कर्नाटक में बैलट पेपर से चुनाव हुआ, फिर भी बीजेपी जीती। कांग्रेस और राहुल गांधी को समझना चाहिए कि हार EVM की वजह से नहीं, जनता के विश्वास की कमी से होती है।"
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और प्रदीप भंडारी ने भी यही लाइन दोहराई। भंडारी ने कहा, "28 MLC चुनाव बैलट पेपर से हुए, फिर भी राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई।" बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस लगातार EVM पर सवाल उठा रही है, SIR प्रक्रिया का विरोध कर रही है और 'वोट चोरी' का आरोप लगा रही है, लेकिन जब बैलट पेपर से चुनाव हुआ तो जनता ने उसी कांग्रेस को नकार दिया। यह परिणाम सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने कहा, "हम जनता के फैसले का सम्मान करते हैं। हमें दो सीटों की उम्मीद थी। हम परिणामों की समीक्षा करेंगे।" हालांकि उन्होंने फिर से बैलट पेपर की मांग दोहराई और वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने पर चिंता जताई।
फिलहाल 75 सदस्यीय विधान परिषद में कांग्रेस के 38, बीजेपी के 24 और जेडीएस के 6 सदस्य हैं। 5 सीटें खाली हैं। इस जीत से संख्या बल पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले यह NDA के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त है। बीजेपी कर्नाटक इकाई ने एक्स पर "DK, it's done, bro" पोस्ट करके डी के शिवकुमार पर तंज भी कसा। पार्टी का कहना है कि यह जीत गारंटियों के भ्रम में जी रही कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनाक्रोश है।




