एलन मस्क पर भड़के ओवैसी बोले - मोदी के खिलाफ हैं, पर किसी को PM पर बोलने का हक नहीं...
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एलन मस्क को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हम मोदी के विरोधी हैं, पर कोई विदेशी गोरा भारत के पीएम पर टिप्पणी नहीं कर सकता।" विवाद स्टारलिंक को मंजूरी में देरी से शुरू हुआ, जहां मस्क ने मुकेश अंबानी को "असली बॉस" कहा। ओवैसी ने बीजेपी पर तंज कसा कि राष्ट्रवाद की बात करने वाली सरकार एक विदेशी कारोबारी के सामने चुप क्यों है? देश के संसाधनों पर फैसला सिर्फ भारत लेगा।

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक ऐसा बयान दिया है जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। ओवैसी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हमेशा विरोधी रहे हैं और आगे भी रहेंगे, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि एलन मस्क जैसा कोई विदेशी कारोबारी भारत के प्रधानमंत्री पर टिप्पणी करे या देश को आदेश दे। दरअसल पूरा विवाद स्टारलिंक को भारत में मंजूरी में हो रही देरी से शुरू हुआ है। एलन मस्क की कंपनी SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक लंबे समय से भारत में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए सिक्योरिटी क्लीयरेंस का इंतजार कर रही है। मस्क ने 10 और 11 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर शिकायत की कि उनकी कंपनी को जानबूझकर रोका जा रहा है।
विवाद तब ज्यादा बढ़ गया जब मस्क ने आरोप लगाया कि भारत में कुछ बड़े बिजनेस घराने उनकी एंट्री को रोक रहे हैं और उन्होंने मुकेश अंबानी को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्हें "भारत का असली बॉस और प्रधानमंत्री अंबानी" तक कह दिया। मस्क का इशारा रिलायंस जियो की तरफ था, जो भारतीय टेलीकॉम मार्केट में सबसे बड़ा खिलाड़ी है। इसी पर ओवैसी ने गुरुवार, 16 अक्टूबर को हैदराबाद में पत्रकारों से बात करते हुए तीखा पलटवार किया। ओवैसी सुप्रीम कोर्ट में वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर याचिका दायर करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। ओवैसी ने कहा, "हम हमेशा नरेंद्र मोदी के खिलाफ थे और रहेंगे। लेकिन एलन मस्क हमारे भारत के प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह कैसे लिख सकता है?
वो किसी और को प्रधानमंत्री बता रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "देश तय करेगा कि देश के संसाधनों का इस्तेमाल कैसे होगा। क्या कोई गोरा आकर हमें डिक्टेट करेगा?" ओवैसी ने इस मुद्दे पर बीजेपी को भी घेरा। उन्होंने कहा कि जो पार्टी हर बात पर राष्ट्रवाद की बात करती है, वो आज एक विदेशी अरबपति के सामने चुप क्यों है? "दुख की बात है कि बीजेपी और मोदी सरकार गोरी चमड़ी से इतना क्यों डरती है?" ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम मोदी को अपना 56 इंच का सीना दिखाना चाहिए और मस्क को कहना चाहिए "Nothing doing, bye-bye"। ओवैसी ने ये भी कहा कि भारत में मोबाइल डेटा दुनिया में सबसे सस्ता है और ये टेलीकॉम में कॉम्पिटिशन की वजह से ही मुमकिन हुआ है।
सरकार ने मस्क के आरोपों को खारिज किया है। केंद्र का कहना है कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क सबके लिए एक समान है और स्टारलिंक, जियो सैटेलाइट और भारती-समर्थित OneWeb सभी सिक्योरिटी क्लीयरेंस की प्रक्रिया में हैं। वहीं विपक्ष में इस मुद्दे पर दो अलग राय दिखी। राहुल गांधी ने मस्क के आरोपों को सरकार और बड़े उद्योगपतियों के बीच सांठगांठ से जोड़ा, तो ओवैसी ने इसे राष्ट्रीय संप्रभुता का मुद्दा बना दिया। ओवैसी का साफ संदेश है कि अंदरूनी राजनीति में हम मोदी के विरोधी हो सकते हैं, लेकिन देश के फैसले सिर्फ भारत ही लेगा, कोई बाहरी ताकत नहीं।
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