रेलवे का बड़ा बदलाव! AC कोच में पुराने कंबल बंद, अब मिलेगी फ्लाइट जैसी प्रीमियम चादर, जानिए किस ट्रेन में?
भारतीय रेलवे ने 11 अक्टूबर 2026 से बड़ी सौगात दी है। अब प्रीमियम ट्रेनों में पुराने भारी कंबलों की जगह एक्सक्लूसिव प्रीमियम फ्लोरल कमफर्टर दिए जा रहे हैं। नई दिल्ली-मुंबई राजधानी, हावड़ा राजधानी, तेजस और वंदे भारत स्लीपर सहित 20 ट्रेनों में शुरुआत हुई है। ये कमफर्टर हल्के, सॉफ्ट, रोज धुले हुए और सील पैक में मिलेंगे। हाइजीन की शिकायतों के बाद रेलवे का यह फैसला यात्रियों को 5-स्टार होटल जैसा अनुभव देगा।

भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों के सफर को और अधिक आरामदायक और हाइजीनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे की ओर से 11 अक्टूबर 2026 से इस ट्रेन में अब पारंपरिक और पुराने कंबल के स्थान पर एक्सक्लूसिव प्रीमियम फ्लोरल कमफर्टर (Floral Comforters) उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह बदलाव फिलहाल प्रीमियम ट्रेनों जैसे राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और तेजस एक्सप्रेस से शुरू किया गया है। रेलवे बोर्ड के अनुसार, पहले फेज में नई दिल्ली-मुंबई राजधानी, नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी, लखनऊ तेजस और वंदे भारत स्लीपर जैसी 20 प्रीमियम ट्रेनों में इस सुविधा को लागू किया गया है। धीरे-धीरे दिसंबर 2026 तक सभी AC-1, AC-2 और AC-3 कोच वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में भी पुराने लाल-काले कंबलों को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा।
आपने अक्सर देखा होगा कि रेलवे के कंबल भारी होते थे और उन्हें लेकर कई यात्री सफाई को लेकर शिकायत करते थे। ये कंबल महीने में सिर्फ एक-दो बार धुलते थे, जिससे बदबू और इंफेक्शन का खतरा बना रहता था। सोशल मीडिया पर भी कई बार यात्री गंदे कंबलों की फोटो शेयर कर चुके हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने अब एयरलाइंस की तर्ज पर हल्के, सॉफ्ट और रोज धुलने वाले कम्फर्टर लाने का फैसला किया है। ये कम्फर्टर 5-स्टार होटलों में इस्तेमाल होने वाले माइक्रोफाइबर फैब्रिक से बने हैं। इनमें फ्लोरल प्रिंट दिया गया है जो देखने में काफी प्रीमियम लगता है। पुराने कंबलों के मुकाबले ये 40% ज्यादा हल्के हैं, लेकिन ठंड से बचाव में ज्यादा कारगर हैं।
रेलवे ने कहा है कि हर उपयोग के बाद इन कम्फर्टरों को ऑटोमेटिक लॉन्ड्री में धोया जाएगा और UV सैनिटाइज किया जाएगा। हर कम्फर्टर पर एक टैग लगा होगा जिस पर धुलाई की तारीख लिखी होगी। यात्रियों को ये कम्फर्टर सील पैक में दिए जाएंगे, ठीक वैसे जैसे फ्लाइट में मिलता है। उत्तर रेलवे के CPRO ने बताया, "हमारा लक्ष्य यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव देना है। प्रीमियम फ्लोरल कम्फर्टर पहल स्वच्छ भारत और आरामदायक यात्रा की दिशा में एक कदम है। 11 अक्टूबर से इसकी शुरुआत हो गई है और यात्रियों का फीडबैक बहुत पॉजिटिव आ रहा है।" नई दिल्ली स्टेशन पर सफर कर रहे यात्री अमित शर्मा ने कहा कि नया कम्फर्टर बहुत ही सॉफ्ट है और इसमें से अच्छी खुशबू आ रही है। अब पुराने भारी कंबल ढोने की टेंशन खत्म हो गई।रेलवे ने किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। यह सुविधा टिकट के साथ ही फ्री में मिलेगी।
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