समंदर के नीचे सुरंग, ऊपर 16 स्टील ब्रिज... Bullet Train का काम 62% पार, अब रोके से भी नहीं रुकेगी!

देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अब जमीन पर पूरी रफ्तार में दौड़ती दिख रही है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का काम 62% से ज्यादा पूरा हो चुका है और सबसे बड़ी कामयाबी महाराष्ट्र में मिली है, जहां पहला स्टील ब्रिज सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया है। NHSRCL (नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड) ने बताया कि ठाणे जिले के भिवंडी के दिवे-अंजुर गांव के पास NH-3 नासिक हाईवे के ऊपर 100 मीटर लंबा और 1,405 मीट्रिक टन वजनी स्टील ब्रिज लगाया गया है। यह महाराष्ट्र में इस प्रोजेक्ट का पहला स्टील ब्रिज है।
इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए कोई लोकल फैक्ट्री नहीं, बल्कि तमिलनाडु के त्रिची में 1,300 किलोमीटर दूर वर्कशॉप में तैयार किया गया। फिर ट्रेलरों से महाराष्ट्र लाकर साइट पर असेंबल किया गया। यह मेक इन इंडिया और भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का बड़ा उदाहरण है। रात के समय हाईवे पर ट्रैफिक ब्लॉक करके इस भारी-भरकम ब्रिज को ऑटोमैटिक सिस्टम, 150 टन के दो हॉलो जैक और मैकलॉय बार से खींचकर अपनी जगह पर लगाया गया। ब्रिज में C5 प्रोटेक्टिव पेंट और इलास्टोमेरिक बेयरिंग लगे हैं जो वाइब्रेशन कंट्रोल करते हैं और पुल की उम्र बढ़ाते हैं। इस तरह के स्टील ब्रिज हाईवे, एक्सप्रेसवे, बड़ी नदियों और रेलवे लाइनों को पार करने के लिए बनाए जाते हैं जहां लंबे स्पैन की जरूरत होती है।
पूरे 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में कुल 28 स्टील ब्रिज प्रस्तावित हैं, जिनमें से 16 का काम पूरा हो चुका है। इसमें से 15 ब्रिज अकेले गुजरात सेक्शन में हैं और 1 अब महाराष्ट्र में बन गया है। बाकी 12 पर काम तेजी से चल रहा है। RTI में NHSRCL ने बताया कि जुलाई 2026 के अंत तक प्रोजेक्ट का कुल 62.16% काम पूरा हो चुका था। 508 KM के लिए 1,389.49 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण पूरा हो गया है - जिसमें गुजरात और दादरा नगर हवेली की 959 हेक्टेयर और महाराष्ट्र की 430 हेक्टेयर शामिल है। अब तक 366 KM वायाडक्ट पर गर्डर लग चुके हैं, 380 KM के लिए गर्डर ढाले जा चुके हैं। 459.90 KM में नींव (फाउंडेशन) और 455.10 KM में पियर का काम पूरा हो चुका है। यानी आधे से ज्यादा रूट पर खंभे खड़े हो चुके हैं।
गुजरात के सभी 8 स्टेशनों पर नींव और स्ट्रक्चर का काम पूरा है, अब फिनिशिंग चल रही है। महाराष्ट्र के स्टेशनों पर काम जारी है। 21 KM लंबी सुरंग में से 4.88 KM बन चुकी है, जिसमें 7 KM हिस्सा समंदर के नीचे है। 8 पहाड़ी सुरंगों में से 4 की खुदाई आर-पार पूरी हो गई है। साबरमती डिपो 32% और ठाणे डिपो 17% बन चुका है। 97 रूट KM में ट्रैक स्लैब बिछ चुके हैं। गुजरात में अगले साल के मध्य तक बुलेट ट्रेन का ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है। मुंबई से अहमदाबाद का सफर जो अभी 7-8 घंटे लगता है, वह बुलेट ट्रेन से करीब 2 घंटे में पूरा होगा।
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