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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

ट्रेन में जो खाना मिलता है उसमें इन ब्रांड्स के आटा-चावल इस्तेमाल करता है IRCTC, लिस्ट देखकर चौंक जाएंगे आप

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ट्रेन में जो खाना मिलता है उसमें इन ब्रांड्स के आटा-चावल इस्तेमाल करता है IRCTC, लिस्ट देखकर चौंक जाएंगे आप

अगर आप सोचते हैं कि ट्रेन के खाने में सस्ता और लोकल आटा-चावल लगता है तो आप गलत हैं। IRCTC ने इसके लिए ब्रांड की पूरी लिस्ट तय कर रखी है, और उसका टेंडर डॉक्यूमेंट अब सामने आया है। रेल मंत्रालय के जवाब और IRCTC के हालिया दस्तावेज के मुताबिक, बेस किचन में आटा, मैदा, बेसन और सूजी के लिए किसी एक कंपनी पर निर्भरता नहीं है। इसके लिए कई बड़े ब्रांड शॉर्टलिस्ट किए गए हैं। दस्तावेज में आटा, मैदा, बेसन और सूजी की कैटेगरी में जिन ब्रांडों को मंजूरी मिली है, उनमें ये नाम शामिल हैं:

शक्ति भोग, आशीर्वाद (ITC), पिल्सबरी, फॉर्च्यून, अनाज, राजधानी, अन्नपूर्णा जैसे बड़े नाम। यानी ट्रेन की रोटी या पूड़ी जो आपको परोसी जाती है, वो इन्हीं मिलों के पैक्ड आटे से बननी चाहिए, खुले बाजार के आटे से नहीं। IRCTC का कहना है कि बेस किचन में फूड सेफ्टी सुपरवाइजर तैनात है जो आटा, तेल, दाल, मसाला और पनीर की क्वालिटी चेक करता है। हालांकि दस्तावेज ये भी साफ करता है कि हर ट्रेन में इनमें से कोई एक ही ब्रांड अनिवार्य रूप से लगेगा, ऐसा नहीं है। ठेकेदार को लिस्ट में से ही किसी ब्रांड को लेना है।

सबसे दिलचस्प खुलासा चावल को लेकर है। IRCTC ने चावल के लिए ट्रेन के हिसाब से नियम बना रखा है: VBT यानी वंदे भारत और सभी प्रीपेड ट्रेनों (राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, तेजस) के लिए - बासमती चावल ही इस्तेमाल होगा। पोस्टपेड ट्रेनों (साधारण मेल/एक्सप्रेस) के लिए - अच्छी गुणवत्ता वाला चावल इस्तेमाल होगा। और बासमती में भी ब्रांड तय हैं: इंडिया गेट, कोहिनूर, दावत, तिल्डा, श्री लाल महल, लाल किला, देवाया, एयरोप्लेन और फॉर्च्यून। यानी अगर आप वंदे भारत में पुलाव या बिरयानी खा रहे हैं तो वो इंडिया गेट या दावत जैसे प्रीमियम बासमती से बना है, जबकि स्लीपर की सामान्य थाली में नॉन-बासमती लेकिन AGMARK क्वालिटी वाला चावल परोसा जाता है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद लोकसभा में बताया था कि अब हर खाने के पैकेट पर QR कोड लग रहा है, जिससे आप देख सकें कि खाना किस बेस किचन में बना, पैकिंग कब हुई। इसके अलावा हर बेस किचन में CCTV और FSSAI सर्टिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। फिर भी अगर आपको खराब क्वालिटी मिलती है तो मतलब ठेकेदार ने लिस्ट वाले ब्रांड का इस्तेमाल नहीं किया। ऐसी स्थिति में आप RailMadad ऐप या 139 पर PNR के साथ शिकायत कर सकते हैं। IRCTC का दावा है कि ब्रांडेड आटा-चावल का नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और कॉन्ट्रैक्ट रद्द तक होता है।

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