तिरंगा कांड के बाद एयरपोर्ट पर हंगामा, अभिजीत दिपके से बोले यात्री - CIA एजेंट...
दिल्ली एयरपोर्ट पर बुधवार को CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को यात्रियों के विरोध का सामना करना पड़ा। टर्मिनल से निकलते ही एक यात्री चिल्लाया, "क्यों देश को खराब कर रहा है?" कुछ ने 'चोर-चोर' और 'CIA एजेंट' के नारे लगाए। दिपके मुस्कुराकर थम्स-अप दिखाते हुए निकल गए। यह घटना CJP के दो कार्यकर्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर में तिरंगा फहराने पर 5 दिन की जेल भेजे जाने और 16 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने की अपील के बीच हुई।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को बुधवार दोपहर दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। जैसे ही दिपके टर्मिनल से बाहर निकले, कुछ यात्रियों ने उन्हें घेर लिया और चुनाव आयोग के खिलाफ उनके आंदोलन को लेकर सवाल करने लगे। वायरल वीडियो में एक शख्स साफ तौर पर चिल्लाते हुए कहता सुनाई देता है, "क्यों देश को खराब कर रहा है भाई? क्यों देश को खराब कर रहा है?" एक दूसरे व्यक्ति ने तो उन्हें 'CIA एजेंट' तक कह दिया और कुछ लोगों ने 'चोर-चोर' के नारे भी लगाए। इस दौरान दिपके ने किसी से बहस नहीं की, बल्कि मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया और थम्स-अप दिखाते हुए आगे बढ़ गए। स्थिति बिगड़ता देख एयरपोर्ट सिक्योरिटी और दिल्ली पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और उन्हें सुरक्षा घेरे में लेकर बाहर निकाला।
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब CJP के दो सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है। दरअसल CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ी को लेकर 'इलेक्शन कमीशन ठीक करो' अभियान चला रही है। 12 अक्टूबर को सरकार ने जंतर-मंतर को धरना स्थल की सूची से डिनोटिफाई कर दिया था। इसके बावजूद 13 अक्टूबर सुबह सौरव दास और आशुतोष रांका गेट फांदकर जंतर-मंतर के अंदर घुस गए और वहां तिरंगा फहराकर नारेबाजी की। पुलिस ने उन्हें बांड उल्लंघन और बिना अनुमति घुसने के आरोप में हिरासत में लिया। इससे पहले उन्हें शांति बनाए रखने के लिए एक साल का बांड भरने पर रिहा किया गया था।
अभिजीत दिपके भी 10 अक्टूबर को मुंबई से दिल्ली आते वक्त प्लेन के अंदर ही हिरासत में लिए गए थे। 24 घंटे बाद रिहा होने पर वे अपनी दादी के निधन के कारण महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर चले गए थे और बुधवार को ही नागपुर से वापस दिल्ली लौटे थे। दिल्ली लौटते ही दिपके ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, "क्या इस देश में तिरंगा फहराना अपराध हो गया है? आशुतोष और सौरव को 5 दिन के लिए जेल भेज दिया गया, क्यों? क्योंकि वे जंतर-मंतर गए और तिरंगा फहराया। ऐसा आखिरी बार अंग्रेजों के शासन में हुआ था, जब तिरंगा फहराने पर स्वतंत्रता सेनानियों को जेल में डाला जाता था।" उन्होंने सरकार पर अघोषित इमरजेंसी लगाने का आरोप लगाया और कहा कि अगर इमरजेंसी लगानी है तो हिम्मत करके आधिकारिक तौर पर लगाओ।
इस हिरासत के बाद दिपके ने अपने समर्थकों से बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा है कि 16 अक्टूबर (शुक्रवार) को सभी लोग कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा लेकर पहुंचे। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, "तिरंगा लहराना देशभक्ति है, अपराध नहीं। अगर तिरंगा पकड़ने पर गिरफ्तार करना है तो जेल तैयार रखो।" अब देखना होगा कि दिल्ली पुलिस इस नए ऐलान पर क्या रुख अपनाती है।




