कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 8वें वेतन आयोग से सैलरी में 3 गुना बढ़ोतरी, ये है नई तारीख
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को नई सैलरी और पेंशन बढ़ोतरी का इंतजार है। 8वें वेतन आयोग के गठन को 3 नवंबर 2026 को एक साल पूरा होगा, जबकि 18 महीने की डेडलाइन मई 2027 में खत्म होगी। सूत्रों के मुताबिक सरकार जल्द चेयरमैन के नाम का ऐलान कर सकती है। फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा नजर है, जो 2.86 तक हो सकता है। इससे मिनिमम सैलरी 18,000 से बढ़कर 51,480 रुपये होने की उम्मीद है।

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वां वेतन आयोग इस समय सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी और पेंशनर नई सैलरी, पेंशन में बढ़ोतरी और फिटमेंट फैक्टर पर फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया था, जिसे 3 नवंबर 2026 को एक साल पूरा हो जाएगा, जबकि आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए तय 18 महीने की समयसीमा मई 2027 में खत्म हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग के चेयरमैन और सदस्यों के नामों को लेकर अंतिम चर्चा चल रही है। सरकार जल्द ही टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) के साथ आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि आयोग को जल्द से जल्द काम शुरू करना चाहिए ताकि सिफारिशें समय पर लागू हो सकें।
7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो चुका है। परंपरा के मुताबिक नया वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाता है, लेकिन सिफारिशों में देरी होने पर एरियर दिया जाता है। ऐसे में उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से ही लागू होंगी और कर्मचारियों को बढ़ा हुआ एरियर मिलेगा। फिटमेंट फैक्टर ही तय करेगा कि सैलरी कितनी बढ़ेगी। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिससे मिनिमम बेसिक सैलरी 7000 रुपये से बढ़कर 18000 रुपये हुई थी। कर्मचारी संगठनों ने इस बार 2.86 से 3.68 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर सरकार 2.86 फिटमेंट फैक्टर मानती है तो: मिनिमम बेसिक सैलरी 18000 से बढ़कर करीब 51480 रुपये हो जाएगी। मिनिमम पेंशन 9000 से बढ़कर 25740 रुपये हो सकती है।
वहीं अगर 3.0 फिटमेंट फैक्टर पर सहमति बनती है तो सैलरी में 3 गुना तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। पेंशनर्स के लिए भी पेंशन रिवीजन और मेडिकल अलाउंस बढ़ाने पर विचार हो रहा है। पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर भी आयोग सुझाव दे सकता है, हालांकि सरकार ने अभी इस पर कोई स्पष्ट रुख नहीं दिया है। सरकार ने आयोग को सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया है, जो मई 2027 में पूरा होगा। जानकारों का कहना है कि आयोग अपनी रिपोर्ट 2026 के अंत तक या 2027 की शुरुआत में सौंप सकता है, जिसके बाद कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। फिलहाल वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि 8वें वेतन आयोग पर काम चल रहा है और कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं है। सभी सिफारिशें महंगाई, सरकार की आर्थिक स्थिति और कर्मचारियों की मांगों को ध्यान में रखकर तय की जाएंगी।




