जंतर-मंतर पर सुबह-सुबह बवाल: सौरव दास और आशुतोष रांका हिरासत में, गेट फांदकर घुसे थे अंदर
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार सुबह जंतर-मंतर से CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका समेत 10 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक वे लॉक गेट फांदकर तिरंगे के साथ परिसर में घुसे और नारे लगाए। यह कार्रवाई जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने के फैसले के एक दिन बाद हुई। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने X पर वीडियो शेयर कर हिरासत की पुष्टि की।

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए Cockroach Janata Party (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक ये सभी कार्यकर्ता लॉक किए गए जंतर-मंतर परिसर में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे थे। इस कार्रवाई के साथ अजिंक्य शिंदे समेत करीब 10 अन्य कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 6-7 बजे सौरव दास और आशुतोष रांका अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे। गेट पर ताला लगा था और पुलिस की बैरिकेडिंग थी।
प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने गेट फांदकर अंदर घुसने की कोशिश की। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कुछ कार्यकर्ता पास की खाने-पीने की दुकानों और JD(U) कार्यालय के रास्ते से भी परिसर में दाखिल हुए। अंदर घुसते ही उन्होंने तिरंगा लहराया और नारे लगाए - "भारत माता की जय", "इंकलाब जिंदाबाद" और "ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो"। तुरंत मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया और उन्हें बस में बिठाकर थाने ले जाया गया। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने खुद X पर वीडियो शेयर करते हुए इसकी पुष्टि की। उन्होंने लिखा: "Cockroaches with the Tiranga sneaked into Jantar Mantar early this morning before they were picked up by Delhi Police. Ashutosh Ranka, Saurav Das and Ajinkya along with other team members have been detained. You cannot denotify the resistance, @narendramodi"
आशुतोष रांका ने भी पोस्ट किया - "Hands Off Jantar Mantar." हिरासत के बाद सौरव दास ने अपने पहले पोस्ट में लिखा था - "JANTAR MANTAR HAS BEEN RECLAIMED! WE HAVE ENTERED JANTAR MANTAR AND NOW WE ARE BEING DETAINED! But this is a message to all of us younger generation! We can do it!" यह हिरासत ऐसे समय में हुई है जब ठीक एक दिन पहले, 12 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को धरना-प्रदर्शन के लिए अधिकृत स्थल की सूची से हटा दिया था। पुलिस का कहना है कि यह फैसला गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा गठित एक कमेटी की सिफारिश पर लिया गया है, जिसने नागरिकों के प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगहों का परीक्षण किया था। सरकार के इस फैसले का CJP और विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध किया है। उनका आरोप है कि जंतर-मंतर संसद और सत्ता के केंद्र के करीब होने से विरोध की आवाज सरकार तक पहुंचती थी, अब दूर के मैदानों में भेजकर विरोध को दबाने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम के अलावा एक और बड़ा एक्शन लिया है। INDIA ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च को लेकर चार FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये FIR कनॉट प्लेस, तिलक मार्ग, मंदिर मार्ग और बाराखंभा थानों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के उल्लंघन के आरोप में दर्ज हुई हैं। तिलक मार्ग में दो FIR दर्ज की गई हैं। सोमवार को हुआ INDIA ब्लॉक का मार्च चुनाव आयोग में कथित गड़बड़ियों और SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के विरोध में था। इस मार्च के बाद नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट में SIR को चुनौती देते हुए याचिका भी दायर की थी।कांग्रेस ने दावा किया था कि इस मार्च में 2.5 लाख लोग शामिल हुए थे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के लगातार विरोध के आह्वान के बाद दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पूरे मध्य दिल्ली में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
शनिवार को भी CJP नेताओं अभिजीत दीपके, दास और रांका को दिल्ली आने के दौरान हिरासत में लिए जाने की खबरें आई थीं। दिल्ली हाईकोर्ट में आज इस मामले से जुड़ी दो याचिकाओं पर सुनवाई होनी है। एक याचिका जंतर-मंतर के डी-नोटिफिकेशन को चुनौती देती है, जबकि दूसरी में प्रदर्शन स्थल पर बाहरी लोगों की घुसपैठ और प्रदर्शनकारियों से कथित दुर्व्यवहार पर निर्देश मांगे गए हैं। फिलहाल सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को किस थाने में रखा गया है और उन पर FIR दर्ज होगी या सिर्फ हिरासत में लेकर छोड़ा जाएगा, इस पर दिल्ली पुलिस की तरफ से आधिकारिक बयान का इंतजार है।
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