राहुल गांधी के ट्रक पर सवार हुए अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव, दिल्ली में विपक्ष का हल्लाबोल
राहुल गांधी के नेतृत्व में निकले सुप्रीम कोर्ट मार्च में विपक्षी एकता का बड़ा नजारा दिखा। राहुल के ट्रक पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव भी सवार रहे। जंतर-मंतर से सुप्रीम कोर्ट तक निकले इस मार्च में हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। विपक्ष ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। तीनों नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए संविधान बचाने की बात कही।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बुधवार को विपक्षी एकता का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाले गए सुप्रीम कोर्ट मार्च में इंडिया गठबंधन के तमाम बड़े नेता एक ही ट्रक पर नजर आए। इस दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव भी राहुल गांधी के साथ ट्रक पर सवार रहे। तीनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी ने इस मार्च को सियासी तौर पर बेहद अहम बना दिया। सूत्रों के मुताबिक, यह मार्च जंतर-मंतर से शुरू होकर सुप्रीम कोर्ट तक निकाला गया। विपक्ष का आरोप है कि बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं।
मार्च में कांग्रेस, सपा, राजद, वामदल और अन्य सहयोगी दलों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। हाथों में तिरंगा और 'वोट चोर-गद्दी छोड़' के नारे लिखे पोस्टर लिए हजारों समर्थक सड़कों पर उतरे। ट्रक पर खड़े होकर राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। उनके एक तरफ अखिलेश यादव और दूसरी तरफ तेजस्वी यादव मौजूद थे। तीनों नेताओं ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर एकजुटता का संदेश दिया। राहुल गांधी ने माइक से कहा, "ये लड़ाई सिर्फ एक चुनाव की नहीं, संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है। हम पीछे नहीं हटेंगे।" अखिलेश यादव ने इस मौके पर कहा कि यूपी से लेकर बिहार तक जनता समझ चुकी है कि किस तरह से वोटों के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आज पूरा विपक्ष एकजुट है और सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद है। वहीं तेजस्वी यादव ने कहा, "बिहार में गरीबों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के वोट काटे जा रहे हैं। राहुल जी के साथ हम सभी इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।" पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। जंतर-मंतर और सुप्रीम कोर्ट के आसपास बैरिकेडिंग लगाई गई थी। मार्च के दौरान कई जगहों पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प की भी खबर है, लेकिन कुल मिलाकर मार्च शांतिपूर्ण रहा। दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने इस मार्च को राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते हुए कहा था कि कांग्रेस शिवजी की बारात नहीं, हुड़दंगियों की टोली है। बीजेपी का कहना है कि विपक्ष चुनाव हारने के डर से पहले से ही बहाने बना रहा है।
हालांकि, विपक्षी नेताओं का दावा है कि इस मार्च में उमड़ा जनसैलाब इस बात का सबूत है कि जनता उनके साथ है। कांग्रेस ने दावा किया है कि इस मार्च में 50 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। सोशल मीडिया पर इस मार्च के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें ट्रक पर राहुल, अखिलेश और तेजस्वी की तिकड़ी को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि इस मामले में अदालत क्या रुख अपनाती है। विपक्ष ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर मतदाता सूची की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
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