जंतर-मंतर नहीं, अब रामलीला मैदान है प्रदर्शन स्थल, बुकिंग के लिए लगते हैं 1.21 लाख, जानिए पूरा प्रोसेस
MCD के अनुसार, एक दिन की बुकिंग के लिए 50,000 रुपये किराया और 55,000 रुपये रिफंडेबल सिक्योरिटी देनी होती है। टैक्स मिलाकर शुरुआती खर्च 1.21 लाख रुपये होता है। बुकिंग MCD के हॉर्टिकल्चर विभाग से होती है, लेकिन दिल्ली पुलिस की NOC जरूरी है। मैदान को टुकड़ों में नहीं, पूरा ही बुक करना पड़ता है।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के लिए अब जंतर-मंतर नहीं, बल्कि रामलीला मैदान नई जगह है। दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर जंतर-मंतर को धरना-प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई कर दिया था। इसके बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को नए प्रदर्शन स्थल घोषित किया गया है। इसी रामलीला मैदान पर आज INDIA ब्लॉक की महारैली हो रही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस ऐतिहासिक मैदान को बुक करने में कितना खर्च आता है?
MCD (नगर निगम दिल्ली) के अधिकारियों के अनुसार, रामलीला मैदान को बुक करने के लिए एक दिन का किराया 50,000 रुपये है। इसके अलावा 55,000 रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट देनी होती है, जो रिफंडेबल है। टैक्स जोड़ने के बाद एक दिन के लिए शुरुआती भुगतान करीब 1.21 लाख रुपये बैठता है। अगर MCD बिना फीस के इसे प्रदर्शन के लिए दे दे, तो उसे रोजाना कम से कम 50,000 रुपये का नुकसान होगा, ऐसा अधिकारियों का कहना है।
मैदान की बुकिंग MCD के हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट के जरिए होती है। लेकिन उससे पहले दिल्ली पुलिस से NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेना अनिवार्य है। पुलिस की अनुमति के बिना MCD बुकिंग क्लियर नहीं करता। मैदान का कुल एरिया 12 एकड़ है, जिसमें करीब 50,000 लोगों के बैठने की क्षमता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मैदान को टुकड़ों में बुक नहीं किया जा सकता, पूरा हिस्सा ही बुक करना पड़ता है। आधा हिस्सा भारी वाहनों की पार्किंग के लिए इस्तेमाल होता है।
MCD का कहना है कि मैदान का एक छोटा सा हिस्सा फ्री में भी प्रदर्शन के लिए दिया जाता है, लेकिन उसकी क्षमता सिर्फ 150 लोगों की है। बड़ी महारैली या प्रदर्शन के लिए वह हिस्सा नाकाफी है। सिर्फ खर्च ही नहीं, रामलीला मैदान में जगह मिलना भी आसान नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, त्योहारों के कारण अगले ढाई महीने तक मैदान में कोई तारीख खाली नहीं है। इस साल सिर्फ 29, 30 और 31 दिसंबर ही खाली बची हैं।
MCD के डेटा से पता चलता है कि जनवरी 2024 से सितंबर 2026 के बीच मैदान सिर्फ 27 बार बुक हुआ, जिसमें से सिर्फ 4 बुकिंग प्रदर्शन के लिए थीं। इससे साफ है कि नया नियम लागू होने के बाद छोटे संगठनों के लिए 1 लाख से ज्यादा की रकम देकर यहां प्रदर्शन करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।




