संजय राउत की नई किताब ने मचाया सियासी बवाल, माल्या का बचाव, PM मोदी की तारीफ...
संजय राउत अपनी नई किताब 'बोध कीर्तन' को लेकर चर्चा में हैं। किताब में 'माल्या ची गोष्ट' चैप्टर में उन्होंने विजय माल्या का बचाव करते हुए कहा कि वह फ्रॉड नहीं थे। संसद में करीब से जानने पर वह मिलनसार और देशभक्त लगे। वह भगोड़ा नहीं, बिजनेस फेल होने पर बाहर गए। वहीं 'दीपस्तंभ' चैप्टर में पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके गैर-राजनीतिक भाषण, खासकर अयोध्या दीपोत्सव वाला, दिल छू लेने वाले होते हैं।

शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी नई किताब है। राउत की नई किताब 'बोध कीर्तन' में कई ऐसे खुलासे हैं जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं। इस किताब का विमोचन शनिवार को ठाकरे बंधुओं की मौजूदगी में होने वाला है। किताब में सबसे चौंकाने वाला अध्याय है - 'माल्या ची गोष्ट' यानी माल्या की कहानी। इस चैप्टर में संजय राउत ने भगोड़े कारोबारी विजय माल्या का खुलकर बचाव किया है। राउत लिखते हैं कि उन्होंने माल्या को संसद में करीब से देखा है। राज्यसभा में वह उनके पास ही बैठते थे और सेंट्रल हॉल में अक्सर मुलाकात होती थी।
राउत के मुताबिक माल्या एक मिलनसार, खुशमिजाज और आकर्षक व्यक्तित्व वाले इंसान थे। उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल उनके बिजनेस की जरूरत थी, कोई ऐब नहीं। राउत का दावा है कि माल्या में संसद में मौजूद कई लोगों से ज्यादा देशभक्ति थी। वह दिलदार और खुले विचारों वाले थे और उनका कभी किसी को धोखा देने का इरादा नहीं था। राउत माल्या को 'भगोड़ा' कहे जाने को भी गलत बताते हैं। उनका तर्क है कि माल्या बिजनेस फेल होने और लोन न चुका पाने के बाद संसद सत्र के बीच में ही देश से बाहर चले गए, उन्होंने जानबूझकर फ्रॉड नहीं किया। राउत आगे लिखते हैं कि पिछले 10 साल में मोदी सरकार ने कई उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए हैं, जबकि माल्या तो सिर्फ थोड़ी रियायत मांग रहा था, कोई बेलआउट पैकेज नहीं।
वह कभी फ्रॉड था ही नहीं। गौरतलब है कि किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व चेयरमैन माल्या 2016 में भारत छोड़कर UK चले गए थे और 2019 में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था। दूसरी तरफ, इसी किताब के एक और चैप्टर 'दीपस्तंभ' में संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी जमकर तारीफ की है। राउत लिखते हैं कि भले ही पीएम मोदी के राजनीतिक भाषणों में कई बार दम या गहराई न दिखे, लेकिन उनके गैर-राजनीतिक भाषण सुनने और पढ़ने में बेहद शानदार लगते हैं। अयोध्या दीपोत्सव के दौरान पीएम मोदी के भाषण का जिक्र करते हुए राउत ने कहा कि वह भाषण शब्दों में 'रोशनी का त्योहार' था।
पीएम ने भगवान राम के आदर्शों को सभी भारतीयों के लिए एक प्रकाशस्तंभ के रूप में पेश किया, जो दिल को छू लेने वाला था। राउत के इस दोहरे रुख ने सबको चौंका दिया है। एक तरफ वह माल्या जैसे भगोड़े कारोबारी का बचाव कर रहे हैं, दूसरी तरफ अक्सर मोदी सरकार पर हमला करने वाले राउत पीएम के भाषण की तारीफ कर रहे हैं। उनकी ये किताब राजनीति और कॉर्पोरेट जगत की हस्तियों पर उनके निजी अनुभवों और टिप्पणियों का संग्रह है।
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