मेट्रो बना विरोध का अड्डा: पोस्टर से मचा हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
दिल्ली मेट्रो के राजीव चौक, कश्मीरी गेट, मंडी हाउस सहित कई स्टेशनों पर सरकार विरोधी पोस्टर मिलने से हड़कंप मच गया। DMRC ने पोस्टर हटाकर पुलिस को सूचना दी। पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच स्पेशल सेल को सौंपी गई है। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। DMRC ने सुरक्षा बढ़ा दी है।

नई दिल्ली: राजधानी की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो में शुक्रवार रात सरकार विरोधी पोस्टरों के मिलने से हड़कंप मच गया। कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों की दीवारों, पिलरों और कोच के अंदर आपत्तिजनक और सरकार विरोधी नारे लिखे पोस्टर चिपके पाए गए। घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की सुरक्षा टीम और CISF ने तुरंत पोस्टरों को हटाया और दिल्ली पुलिस को सूचित किया। पुलिस के मुताबिक, यह पोस्टर सबसे पहले राजीव चौक, कश्मीरी गेट, मंडी हाउस और लाजपत नगर मेट्रो स्टेशनों पर देखे गए थे। कुछ पोस्टर चलती मेट्रो ट्रेन के अंदर भी चिपके हुए थे। पोस्टरों पर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लिखे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पोस्टर देर रात या सुबह के शुरुआती घंटों में लगाए गए प्रतीत होते हैं, जब भीड़ कम होती है।
घटना को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। यह FIR पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 197, 299 और मेट्रो रेलवे अधिनियम तथा दिल्ली सार्वजनिक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "यह केवल शरारत नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अफवाह फैलाने की कोशिश है। मेट्रो जैसे संवेदनशील और हाई सिक्योरिटी जोन में इस तरह के पोस्टर लगना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है।" जांच की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंपी गई है।
स्पेशल सेल की टीम ने DMRC से सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों के CCTV फुटेज कब्जे में ले लिए हैं। शुरुआती जांच में कुछ संदिग्ध युवकों की पहचान हुई है, जो बैग के साथ स्टेशनों में घूमते दिखे। पुलिस उनके हुलिए और मेट्रो कार्ड के डेटा के आधार पर उनकी तलाश कर रही है। डीएमआरसी ने भी इस मामले पर बयान जारी किया है। डीएमआरसी के प्रवक्ता ने कहा, "मेट्रो परिसर में किसी भी तरह का अनाधिकृत पोस्टर, पेंटिंग या प्रचार सख्त वर्जित है। हमने अपनी निगरानी बढ़ा दी है और सफाई कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों से भी अपील है कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखे तो तुरंत हेल्पलाइन 155370 पर सूचित करें।"
इधर, इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। सत्ताधारी दल ने इसे विपक्ष की हताशा करार दिया है, वहीं विपक्ष ने कहा है कि सरकार को पोस्टर लगाने वालों को पकड़ने के बजाय पोस्टर में उठाए गए सवालों पर ध्यान देना चाहिए। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पोस्टर की प्रिंटिंग और कागज की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है ताकि प्रिंटिंग प्रेस तक पहुंचा जा सके। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इसके पीछे कोई संगठित समूह या छात्र संगठन है। स्पेशल सेल सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है कि क्या इस घटना से जुड़ा कोई वीडियो या फोटो वायरल किया गया है। फिलहाल सभी मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है।
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