राहुल का हाइड्रोजन बम फुस्स! राजनाथ सिंह बोले- दिवाली का पटाखा भी साबित नहीं हुआ...
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के वोट चोरी वाले आरोपों पर तीखा हमला बोला। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, 'हाइड्रोजन बम बता रहे थे, दिवाली का पटाखा भी साबित नहीं हुआ।' राजनाथ ने कहा राहुल गांधी ने पूरे देश में शोर मचाया, लेकिन एक भी सबूत नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन और अराजकता फैलाने की साजिश कर रही है।

लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज लखनऊ में बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूरे विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के वोट चोरी वाले आरोपों पर तंज कसते हुए कहा, "हाइड्रोजन बम बता रहे थे, दिवाली का पटाखा भी साबित नहीं हुआ।" रक्षा मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ने वोट चोरी को हाइड्रोजन बम बताकर पूरे देश में शोर मचाया था, लेकिन सच्चाई यह है कि उनका तथाकथित हाइड्रोजन बम दिवाली के एक पटाखे जितना भी नहीं निकला। चुनाव आयोग लगातार कह रहा है कि अगर आपके पास कोई शिकायत है, सबूत है तो लेकर आइए, हम जांच को तैयार हैं, लेकिन कांग्रेस एक भी ठोस मामला पेश नहीं कर पाई।
राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक हार का बदला देश की जनता से लेना चाहती है। जब वोटर आईडी कार्ड आया तब से कांग्रेस ने लोकसभा में सरकार नहीं बनाई। यूपी में 1995 के बाद कांग्रेस की विजय नहीं हुई। अब कांग्रेस कहती है वोट चोरी हो गई। तो राहुल गांधी बताएं कि यह वोट चोरी थी या काम चोरी? राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में CEC के खिलाफ जो प्रदर्शन हो रहा है, वो कई गंभीर सवाल खड़े करता है। यह आंदोलन SIR या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए नहीं है। यह देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हथियाने की साजिश है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाने के बजाय राजनीतिक टकराव और अराजकता की ओर मोड़ रहे हैं।
रिजीम चेंज जैसे शब्दों का इस्तेमाल हो रहा है। एक नेता कहता है कि हमने बांग्लादेश से प्रेरणा ली है, दूसरा कहता है सरकार को गिरा दो। इससे साफ है कि इनका एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को खत्म करके देश में आग लगाना है। रक्षा मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी की मंशा देश में आग लगाने की है। वह युवाओं को मोहरा बना रहे हैं। लोकतंत्र अराजकता फैलाने का लाइसेंस नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की कल की टिप्पणी भी इसी ओर इशारा करती है। राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के शासनकाल के तीन सबसे बड़े अक्षम्य अपराध गिनाए। उन्होंने कहा पहला अपराध 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाया गया आपातकाल था। दूसरा अपराध 1984 में कांग्रेस के संरक्षण में सिख भाई-बहनों का नरसंहार था।
तीसरा अपराध 1990 में रामभक्त कारसेवकों पर गोली चलाने वालों की सरकार को बचाना था। उन्होंने कहा कि अब चौथा अपराध कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं और मूल्यों को चोट पहुंचाकर कर रही है। जेब में संविधान लेकर घूमते हैं और देश में अराजकता फैलाते हैं। अंत में राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर पॉलिटिक्स ऑफ डिसरप्शन बंद करें और जनमत का सम्मान करना सीखें। भारत के भविष्य की जिम्मेदारी सबकी है, इसे टकराव का मुद्दा न बनाएं।
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