Donald Trump को बड़ा झटका, टेक्सास के गढ़ में भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने मुंह की खाई
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को तगड़ा झटका लगा है। उनके तीनों चहेते उम्मीदवार हार गए। टेक्सास में डेमोक्रेट जेम्स टालारिको ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हराया, 33 साल बाद डेमोक्रेट्स ने यह सीट जीती। ओहियो में ट्रंप समर्थित विवेक रामास्वामी गवर्नर चुनाव हार गए। साउथ कैरोलिना में डार्लिन ग्राहम को भी हार मिली। गढ़ में हार के बाद ट्रंप ने कहा, "मैं बैलेट पर नहीं था, वरना जीत जाते।"

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव 2026 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप के तीन सबसे करीबी और समर्थित उम्मीदवार चुनाव हार गए हैं। यहां तक कि रिपब्लिकन पार्टी के सबसे मजबूत गढ़ में भी ट्रंप के उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है। इस चुनाव को ट्रंप की नीतियों पर जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा था। सबसे बड़ा उलटफेर टेक्सास में हुआ है। टेक्सास को रिपब्लिकन पार्टी का सबसे सुरक्षित किला माना जाता है। यहां पिछले तीन राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने बड़ी जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार सीनेट सीट पर डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने रिपब्लिकन के कद्दावर नेता केन पैक्सटन को हरा दिया।
37 साल के टालारिको राज्य के विधायक और पूर्व मिडिल स्कूल टीचर हैं। उनकी जीत के साथ डेमोक्रेट्स ने 33 साल बाद टेक्सास की सीनेट सीट पर कब्जा किया है। आखिरी बार 1993 में यहां से डेमोक्रेट सीनेटर जीता था। टालारिको अब अमेरिकी सीनेट के सबसे युवा सदस्य होंगे। वो लंबे समय से सीनेटर रहे जॉन कॉर्निन की जगह लेंगे। रिपब्लिकन नेताओं को पहले से डर था कि पैक्सटन की खराब छवि नुकसान पहुंचा सकती है, फिर भी ट्रंप ने कॉर्निन की जगह पैक्सटन को समर्थन दिया था, जो अब भारी पड़ गया।
दूसरा बड़ा झटका ओहियो में लगा। भारतीय मूल के अरबपति और ट्रंप के करीबी विवेक रामास्वामी गवर्नर चुनाव हार गए। उन्हें डेमोक्रेट उम्मीदवार एमी एक्टन ने हरा दिया। एमी एक्टन पब्लिक हेल्थ फिजिशियन हैं और कोविड के दौरान राज्य की हेल्थ डायरेक्टर थीं। वो ओहियो की पहली महिला गवर्नर बन गई हैं। ओहियो में पिछले 20 साल से रिपब्लिकन का कब्जा था। आखिरी बार 2006 में डेमोक्रेट जीता था। रामास्वामी 2024 में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार भी थे और ट्रंप ने खुलकर उनका समर्थन किया था।
तीसरी हार साउथ कैरोलिना में हुई। यहां ट्रंप समर्थित उम्मीदवार डार्लिन ग्राहम को डेमोक्रेट एनी एंड्रयूज ने हरा दिया। डार्लिन, भारत विरोधी बयानों के लिए चर्चित सीनेटर लिंडसे ग्राहम की बहन हैं। मिडटर्म में दोनों सदनों में पिछड़ने के बाद ट्रंप ने हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा, "मैं बैलेट पर नहीं था, और अगर होता तो हम भारी बहुमत से जीत जाते।" हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की 435 सीटों में डेमोक्रेट्स 190 से ज्यादा सीटों पर आगे हैं, जबकि रिपब्लिकन 115 के आसपास सिमट गए हैं।
वहीं सीनेट में भी डेमोक्रेट्स ने 51 सीटों का बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।इस हार के बाद ट्रंप के लिए आगे की राह मुश्किल मानी जा रही है। हाउस में डेमोक्रेट्स का बहुमत मतलब ट्रंप पर महाभियोग का खतरा, उनके एजेंडे पर ब्रेक और जजों की नियुक्ति में अड़ंगा।
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