अमेरिका का पहला मुस्लिम सीनेटर बनेगा अब्दुल? ट्रंप ने बताया जिहादी, चुनाव में धर्म कार्ड, कहा- शरिया लाएगा...
राष्ट्रपति ट्रंप ने मिशिगन के डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद को "जिहादी" कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया। रैली में ट्रंप ने कहा कि अगर अल-सईद जीतते हैं तो सीनेट में घुसने से पहले उन्हें मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ेगा। अल-सईद का नाम जानबूझकर "मोहम्मद" और "अब्दुल रमजान" बताया। मिस्र मूल के 41 साल के अल-सईद ने आरोपों को खारिज किया। वे अगर जीते तो पहले मुस्लिम सीनेटर बनेंगे।

अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले मिशिगन की सीनेट रेस राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद पर बेहद तीखा और विवादित हमला बोला है, जिसके बाद देशभर में इस्लामोफोबिया और चुनावी बयानबाजी को लेकर बहस तेज हो गई है। 25 अक्टूबर को पोर्ट ह्यूरॉन, मिशिगन में एक रैली के दौरान ट्रंप ने अब्दुल अल-सईद को "जिहादी" और "मुस्लिम ब्रदरहुड का मेंबर" बताया। उन्होंने कहा - "अब्दुल मुहम्मद अल-सईद एक जिहादी है। अगर वो चुना गया तो वो इकलौता सीनेटर होगा जिसे सीनेट में घुसने से पहले मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ेगा।"
ट्रंप यहीं नहीं रुके। उन्होंने 9/11 आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि अल-सईद को रोकना वैसा ही है जैसे यूनाइटेड फ्लाइट 93 के यात्रियों ने हाइजैकर्स से लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अल-सईद अमेरिका में शरिया कानून लाना चाहता है और उसे मेटल डिटेक्टर के अलावा रोज सुरक्षा जांच से गुजरना चाहिए। ट्रंप लगातार अल-सईद के नाम का मजाक भी उड़ा रहे हैं। उन्हें कभी "मोहम्मद", कभी "अब्दुल रमजान" कहकर संबोधित कर रहे हैं। 41 साल के अब्दुल अल-सईद मिशिगन के रोचेस्टर हिल्स में जन्मे हैं, उनके माता-पिता मिस्र से आए थे। वे वेन काउंटी के पूर्व हेल्थ डायरेक्टर रहे हैं और दो डॉक्टरेट की डिग्री रखते हैं। अगर वे जीतते हैं तो अमेरिका के इतिहास में पहले मुस्लिम सीनेटर बनेंगे।
वे मिशिगन में सीनेटर गैरी पीटर्स की खाली हो रही सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं, उनका मुकाबला रिपब्लिकन माइक रोजर्स से है। अल-सईद ने ट्रंप के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मुस्लिम ब्रदरहुड से लिंक के सवाल पर उन्होंने कहा है - "हां, बिल्कुल मैं इसका खंडन करता हूं।" उन्होंने कहा कि यह उनके धर्म को लेकर की जा रही धारणा है। उनके अभियान का फोकस गैस, किराना और हेल्थकेयर की बढ़ती कीमतों को कम करने पर है। ट्रंप के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है। डेमोक्रेटिक खेमे के अलावा रिपब्लिकन समर्थकों में से भी आवाज उठी है। 'अरब अमेरिकन्स फॉर ट्रंप' ग्रुप के संस्थापक बिशारा बहबाह ने ट्रंप के बयान को "लाइन क्रॉस करना" बताया।
ओहायो के सीनेटर बर्नी मोरेनो ने भी ट्रंप की रैली में कहा - "यह अब्दुल वॉशिंगटन DC के कहीं आसपास भी नहीं होना चाहिए।" वहीं रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने अल-सईद को "जिहादी लेप्रेचॉन" तक कह दिया। उधर अल-सईद ने ट्रंप को जवाब देते हुए एक रैली में कहा - "उन्हें मेरा नाम पता है, वो हर दिन मेरा नाम लेते हैं। वो मेरे नाम और मेरे धर्म का इस्तेमाल करके आपको महंगाई जैसे असली मुद्दों से भटकाना चाहते हैं।" उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप मेटल डिटेक्टर की बात करते हैं तो वो लाई डिटेक्टर पर बहस के लिए तैयार हैं। इस सीट पर नतीजा तय करेगा कि सीनेट पर किसका नियंत्रण होगा, इसलिए यह रेस अब सिर्फ मिशिगन की नहीं बल्कि पूरे अमेरिका की नजर में है।
विषय




