जन सुराज के लिए बड़ा झटका: डिजिटल टीम के हेड देवपालिक गुप्ता की मौत, ट्रेन से हुए थे लापता
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता (31) का शव झाड़ियों में मिला। रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस से सोमवार को पैंट्री कार जाते समय वे लापता हुए थे। मंगलवार सुबह रांची के अनगड़ा स्थित बरवादाग के पास रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ियों से उनका शव बरामद हुआ। सिर पर चोट के निशान मिले हैं। मूल रूप से यूपी के कुशीनगर निवासी और IIMC के पूर्व छात्र देवपालिक की मौत चलती ट्रेन से गिरने से मानी जा रही है, जांच जारी है।

प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता की संदिग्ध मौत ने पूरे बिहार-झारखंड में सनसनी फैला दी है। 31 वर्षीय देवपालिक सोमवार को रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे, और मंगलवार सुबह उनका शव रांची जिले के अनगड़ा थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ियों से बरामद हुआ है। प्रारंभिक जांच में सिर पर चोट के निशान मिले हैं। देवपालिक गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर/देवरिया जिले के रहने वाले थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर पत्रकारिता को अपना जुनून बनाया था। दिल्ली के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे डिजिटल मीडिया में सक्रिय हो गए।
पिछले कुछ समय से वे जन सुराज पार्टी की डिजिटल कम्युनिकेशन टीम को लीड कर रहे थे और बांकीपुर विधानसभा समेत कई अभियानों में पार्टी का सोशल मीडिया नैरेटिव संभालते थे। जानकारी के अनुसार देवपालिक अपने दो सहयोगियों गौतम कुमार और निशांत के साथ सोमवार 26 अक्टूबर को रांची से पटना जा रहे थे। ट्रेन दोपहर 2:25 बजे रांची स्टेशन से रवाना हुई। सहयोगियों के मुताबिक मुरी जंक्शन पहुंचने से करीब 10 मिनट पहले दोपहर 3 बजे के आसपास देवपालिक ने कहा कि वह पैंट्री कार या अगली बोगी से कुछ खाने-पीने का सामान लेकर आते हैं। उसके बाद वह अपनी सीट पर वापस नहीं लौटे। साथियों ने पैंट्री कार और पूरी ट्रेन की सभी बोगियों में तलाश की, लेकिन कहीं पता नहीं चला।
मुरी स्टेशन पर ट्रेन रुकने पर उन्होंने तुरंत जीआरपी और आरपीएफ में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। रेल मदद पोर्टल पर भी शिकायत की गई। रात करीब 9 बजे औपचारिक FIR दर्ज हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनगड़ा थाना प्रभारी गौतम कुमार राजवार ने सूचना देने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की थी। मंगलवार सुबह अनगड़ा प्रखंड के बरवादाग-जरवाडीह गांव के पास पोल नंबर 379/18 के नजदीक रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों में शव पड़े होने की सूचना मिली। स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। शव की जेब से आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी मिला, जिससे पहचान देवपालिक गुप्ता के रूप में हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार शव के सिर पर गहरी चोट के निशान थे। शव को कब्जे में लेकर रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अनगड़ा पुलिस और RPF की प्रारंभिक आशंका है कि देवपालिक चलती ट्रेन से गिर गए होंगे, जिससे सिर में गंभीर चोट लगने से मौत हुई। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। थाना प्रभारी गौतम राजवार ने कहा, "प्रथम दृष्टया चलती ट्रेन से गिरने से मौत की आशंका है, लेकिन हत्या समेत सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिवार के बयान के बाद अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।"
इधर, जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं और IIMC के पूर्व छात्रों ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि एक सुरक्षित समझी जाने वाली जनशताब्दी जैसी ट्रेन से दिनदहाड़े एक युवा का इस तरह लापता होना और फिर ट्रैक किनारे शव मिलना कई सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस रेलवे के CCTV फुटेज, पैंट्री कार स्टाफ और सहयात्रियों से पूछताछ कर रही है।




