150 KM की तबाही! यानम में टकराएगा साइक्लोन अर्नब, दिल्ली-UP तक भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी का चक्रवात अर्नब बहुत प्रचंड तूफान बन गया है। IMD के अनुसार यह 28 अक्टूबर सुबह यानम के पास बापटला और विशाखापत्तनम के बीच लैंडफॉल करेगा। लैंडफॉल पर हवा की रफ्तार 125-135 KM, झोंके 150 KM तक होंगे। काकीनाडा पोर्ट पर GD-10 खतरे का सिग्नल है। आंध्र में 89,000 लोग शिफ्ट किए गए, 53 ट्रेनें रद्द हैं। इसका असर यूपी, दिल्ली, छत्तीसगढ़ समेत 13 राज्यों में भारी बारिश के रूप में दिखेगा।

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात 'अर्नब' अब खतरनाक रूप ले चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसे बहुत प्रचंड चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रखा है। चक्रवात चेतावनी केंद्र के निदेशक डॉ. पी.एल.एन. मूर्ति के अनुसार अर्नब तेजी से आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है और लैंडफॉल के समय तबाही मचा सकता है। IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 27 अक्टूबर सुबह 11:30 बजे अर्नब विशाखापत्तनम से 170 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व और काकीनाडा से 180 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व में था। यह 20 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है।
तूफान 28 अक्टूबर की सुबह यानम (पुडुचेरी) के करीब, बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराएगा। लैंडफॉल के समय हवा की अधिकतम स्थायी रफ्तार 125 से 135 किमी प्रति घंटा रहेगी, जबकि झोंके 150 किमी प्रति घंटे तक जा सकते हैं। विभाग ने इसे रेड मैसेज के साथ अत्यंत गंभीर बताया है। सैटेलाइट तस्वीरों में अर्नब की आंख (Eye) साफ दिख रही है, जो इसके और मजबूत होने का संकेत है। तूफान की गंभीरता को देखते हुए बंदरगाहों पर चेतावनी जारी की गई है। काकीनाडा पोर्ट पर ग्रेट डेंजर-10 (GD-10), विशाखापत्तनम और गंगावरम पर GD-9, मछलीपट्टनम और निजामपट्टनम पर GD-8 का सिग्नल लगा दिया गया है।
आंध्र प्रदेश सरकार अलर्ट मोड पर है। 20 जिलों के लिए 27 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। NDRF की 15 टीमों को तैनात किया गया है और अब तक 89,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। 5.7 लाख लोगों की पहचान जोखिम वाले क्षेत्र में हुई है। 1,763 साइक्लोन शेल्टर और 2,907 कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। 4,711 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पतालों में पहुंचाया गया है। 27-28 अक्टूबर को 53 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और स्कूल-कॉलेज बंद हैं। आंध्र के 11 जिलों - एलुरु, कृष्णा, कोनासीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली समेत रेड अलर्ट है।
अर्नब का असर सिर्फ तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा। IMD के अनुसार इसका असर आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, बिहार, यूपी, दिल्ली, मध्य प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र तक देखा जाएगा। इन राज्यों में 28-30 अक्टूबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश, 50-70 किमी की तेज हवाएं और ओलावृष्टि की चेतावनी है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी यूपी में भी इसका असर होगा। मछुआरों को 2 दिन तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, समुद्र तटों और टूटे बिजली के तारों से दूर रहें। इमरजेंसी के लिए आंध्र ने व्हाट्सएप नंबर 9552300009 जारी किया है।




