Russian Oil पर Trump का बड़ा ऐलान - भारत समेत 5 देशों को टैरिफ से राहत...
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल-गैस खरीदने पर बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि भारत समेत 5 देशों पर रूसी तेल खरीदने पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा। इन 5 देशों में भारत, चीन, तुर्की, ब्राजील और हंगरी शामिल हैं। पहले अमेरिका ने टैरिफ की धमकी दी थी, जिससे भारत पर असर का खतरा था। भारत रूस से 40% सस्ता तेल खरीदता है। इस फैसले से भारत को बड़ी राहत मिली है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल और गैस खरीदने को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि रूसी तेल और गैस खरीदने पर भारत समेत 5 देशों पर अमेरिका कोई अतिरिक्त टैरिफ नहीं लगाएगा। ट्रंप के इस ऐलान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल तेज हो गई है और भारत के लिए इसे एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, पिछले कुछ समय से अमेरिका लगातार उन देशों पर दबाव बना रहा था जो रूस से कच्चा तेल और गैस खरीद रहे हैं। अमेरिका का आरोप था कि रूस से तेल खरीदकर ये देश यूक्रेन युद्ध में रूस को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं। इसी वजह से अमेरिका ने कई देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी भी दी थी। भारत इस लिस्ट में सबसे बड़ा खरीदार था, इसलिए भारत पर टैरिफ का खतरा सबसे ज्यादा मंडरा रहा था।
लेकिन अब ट्रंप ने अपने बयान में यू-टर्न लेते हुए कहा है कि उनकी सरकार किसी भी देश पर रूसी तेल खरीदने को लेकर टैरिफ नहीं लगाएगी। ट्रंप ने कहा कि 5 देशों - भारत, चीन, तुर्की, ब्राजील और हंगरी - जो रूस से सबसे ज्यादा तेल-गैस खरीदते हैं, उन पर कोई पाबंदी या टैरिफ नहीं लगाया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ऊर्जा के मामले में किसी देश को मजबूर नहीं करना चाहता। ट्रंप के इस फैसले के पीछे कई बड़ी वजहें बताई जा रही हैं। पहली वजह है वैश्विक तेल बाजार। अगर भारत और चीन जैसे बड़े खरीदारों पर टैरिफ लगता है तो दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर अमेरिकी जनता पर भी पड़ेगा। ट्रंप अमेरिका में महंगाई नहीं बढ़ाना चाहते। दूसरी वजह है भारत के साथ रिश्ते। भारत अमेरिका का बड़ा ट्रेड पार्टनर है और अमेरिका भारत को अपने पक्ष में रखना चाहता है।
भारत के लिए यह खबर बेहद राहत भरी है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% कच्चा तेल रूस से खरीदता है, जो उसे काफी सस्ते दाम पर मिलता है। अगर अमेरिका भारत पर 25% से 50% तक का अतिरिक्त टैरिफ लगा देता, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ता। अब इस ऐलान के बाद भारत बिना किसी दबाव के रूस से सस्ता तेल खरीदना जारी रख सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह फैसला रणनीतिक भी है। ट्रंप नहीं चाहते कि भारत और चीन जैसे देश पूरी तरह से रूस के करीब चले जाएं। टैरिफ न लगाकर ट्रंप इन देशों के साथ संतुलन बनाकर चलना चाहते हैं। साथ ही, यह कदम अमेरिका की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के तहत भी देखा जा रहा है, जहां ट्रंप घरेलू तेल कीमतों को कंट्रोल में रखना चाहते हैं।
फिलहाल, ट्रंप के इस ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में भी तेजी देखी गई है, खासकर ऑयल और गैस कंपनियों के शेयरों में। सरकार की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि भारत सरकार इस फैसले का स्वागत करती है।




