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शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 · दोपहर 1:40 · नई दिल्ली संस्करण

भारत को बड़ा झटका! अमेरिका ने मुंबई की 2 कंपनियों और 5 भारतीयों पर लगाया बैन, ईरान से है कनेक्शन

अमेरिका ने ईरान तेल कारोबार को लेकर मुंबई की 2 कंपनियों SSPL Solutions और Samudra Marine Services समेत 5 भारतीयों पर प्रतिबंध लगा दिया है। 9 अक्टूबर को घोषित यह एक्शन 'Operation Economic Outcast' कैंपेन के तहत हुआ है। ध्वनि वोरा, निसर्ग वोरा, केतन कोचिकर, भूपेंद्रसिंह साहू और हरिश्याम चुंडकट्टिल पर लेन-देन पर रोक लगी है। अमेरिका ने 10 कंपनियों, 6 लोगों और 5 जहाजों को टारगेट किया है, Samudra Marine को 23 अक्टूबर तक wind-down की मोहलत मिली है।

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भारत को बड़ा झटका! अमेरिका ने मुंबई की 2 कंपनियों और 5 भारतीयों पर लगाया बैन, ईरान से है कनेक्शन

अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के तेल कारोबार को टारगेट करते हुए भारत की दो मुंबई-बेस्ड कंपनियों और 5 भारतीय नागरिकों पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय (US Department of State) ने गुरुवार, 9 अक्टूबर को यह कार्रवाई की घोषणा की।यह पूरा एक्शन अमेरिका के नए कैंपेन 'Operation Economic Outcast' के तहत किया गया है, जिसका मकसद ईरान की तेल और पेट्रोकेमिकल से होने वाली कमाई को रोकना है। अमेरिका ने जिन दो कंपनियों को निशाने पर लिया है, उनके नाम हैं: SSPL Solutions Private Limited और Samudra Marine Services Private Limited। अमेरिका का आरोप है कि इन दोनों कंपनियों ने ईरान से आने वाले पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के इंपोर्ट और ट्रांसपोर्ट को फैसिलिटेट किया है और इस ट्रेड के जरिए ईरानी शासन को लाखों डॉलर भेजे हैं। वॉशिंगटन का कहना है कि यह पैसा ईरान की अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होता है।



कंपनियों के साथ-साथ उनसे जुड़े 5 लोगों पर भी प्रतिबंध लगा है। SSPL Solutions से जुड़े: ध्वनि वोरा और निसर्ग वोरा और Samudra Marine Services से जुड़े: केतन कोचिकर, भूपेंद्रसिंह साहू और हरिश्याम हरिहरन चुंडकट्टिल। इन सभी पर अब अपनी कंपनियों से जुड़ा कोई भी फाइनेंशियल या कमर्शियल ट्रांजैक्शन करने पर रोक लगा दी गई है। उनकी अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं और कोई भी अमेरिकी नागरिक या कंपनी उनके साथ बिजनेस नहीं कर सकेगी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "The Department of State is sanctioning ten entities, six individuals, and five vessels in connection with trade in Iranian-origin petroleum."



इस बार कुल 10 कंपनियों, 6 लोगों और 5 जहाजों पर एक्शन हुआ है। इसके अलावा अमेरिकी वित्त मंत्रालय (Treasury Department) ने अलग से 17 कंपनियों और उनके शैडो फ्लीट जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाया है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि "हम तेहरान में तानाशाही शासन को युद्ध के लिए इस्तेमाल होने वाले पैसे से वंचित कर रहे हैं।" हालांकि, अमेरिका ने Samudra Marine Services को थोड़ी राहत दी है। कंपनी को अपने मौजूदा बिजनेस को समेटने के लिए 23 अक्टूबर तक का wind-down period दिया गया है। इसका मतलब है कि इस तारीख तक वो अपने पुराने कॉन्ट्रैक्ट पूरे कर सकती है, उसके बाद पूरी तरह से प्रतिबंध लागू हो जाएगा।



यह पहली बार नहीं है जब ईरान तेल ट्रेड को लेकर भारतीय कंपनियां अमेरिकी प्रतिबंधों की जद में आई हैं। इससे भारत के एनर्जी सिक्योरिटी और मर्चेंट शिपिंग सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है। भारत सरकार की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि अमेरिका का यह कदम भारत-ईरान व्यापार संबंधों के लिए एक कड़ा संदेश है।

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