केरल की हजारों करोड़ की वक्फ संपत्ति का नया बॉस कौन? UDF ने किया बड़ा ऐलान
केरल की UDF सरकार ने राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के वरिष्ठ नेता एमसी मायिन हाजी को बोर्ड का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, IUML विधायक कुरुक्कोली मोइदीन को सदस्य नियुक्त किया गया है।वक्फ बोर्ड राज्य में हजारों वक्फ संपत्तियों, मस्जिदों और शैक्षणिक संस्थानों का प्रबंधन करता है। इस नियुक्ति को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि IUML, UDF का प्रमुख सहयोगी दल है।

केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली UDF सरकार ने राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है। सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। नए पुनर्गठन के तहत इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के वरिष्ठ नेता एमसी मायिन हाजी को केरल राज्य वक्फ बोर्ड का नया अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही IUML के ही विधायक कुरुक्कोली मोइदीन को भी बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एमसी मायिन हाजी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के एक अनुभवी और वरिष्ठ नेता माने जाते हैं। वे लंबे समय से पार्टी और सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं।
वे पहले भी वक्फ बोर्ड और अन्य धार्मिक संस्थाओं से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। मुस्लिम समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। सरकार ने उनकी इसी अनुभव और पकड़ को देखते हुए उन्हें बोर्ड की कमान सौंपी है। पुनर्गठन में तिरूर से IUML के विधायक कुरुक्कोली मोइदीन को भी बोर्ड का सदस्य बनाया गया है। कुरुक्कोली मोइदीन पार्टी के युवा और सक्रिय चेहरों में से एक हैं। उनका विधायक के तौर पर कार्यकाल काफी चर्चित रहा है। वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है जो वक्फ संपत्तियों यानी अल्लाह के नाम पर दान की गई संपत्तियों की देखभाल, प्रबंधन और सुरक्षा का काम करता है। केरल में वक्फ बोर्ड के अधीन हजारों एकड़ जमीन, मस्जिदें, दरगाहें, कब्रिस्तान और शैक्षणिक संस्थान आते हैं।
बोर्ड का काम इन संपत्तियों को अतिक्रमण से बचाना, उनका सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना और उनसे होने वाली आय को समुदाय के कल्याण में लगाना होता है। केरल में वक्फ बोर्ड हमेशा से राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रहा है। राज्य में मुस्लिम आबादी बड़ी संख्या में है और IUML, UDF गठबंधन का एक प्रमुख सहयोगी दल है। इसलिए वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति को सियासी नजरिए से भी देखा जाता है। UDF सरकार के इस फैसले को IUML को मजबूत करने और समुदाय के भीतर संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस नियुक्ति पर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार ने राजनीतिक आधार पर नियुक्तियां की हैं।
वहीं, IUML ने इस फैसले का स्वागत किया है। पार्टी का कहना है कि एमसी मायिन हाजी जैसे अनुभवी व्यक्ति के नेतृत्व में वक्फ बोर्ड बेहतर काम करेगा और वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। फिलहाल, नए अध्यक्ष और सदस्यों को जल्द ही पदभार संभालने की उम्मीद है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य में वक्फ संपत्तियों पर हो रहे अतिक्रमण को रोकना और बोर्ड की आय को पारदर्शी तरीके से प्रबंधित करना होगा।




