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सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 · दोपहर 2:47 · नई दिल्ली संस्करण

जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण ने थामा कांग्रेस का हाथ, 12 साल बाद की घर वापसी

बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने आज 19 अक्टूबर को दिल्ली में कांग्रेस ज्वाइन कर ली। कुछ दिन पहले ही उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा दिया था। रामशरण ने पार्टी में अपमान और वन मैन शो का आरोप लगाया था। वे कांग्रेस के पुराने नेता रहे हैं और 2014 में बीजेपी में गए थे। 2022 में वे चकराता सीट से बीजेपी के टिकट पर प्रीतम सिंह से हारे थे। अब 2027 चुनाव से पहले उनकी वापसी को कांग्रेस के लिए बड़ी मजबूती माना जा रहा है।

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जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण ने थामा कांग्रेस का हाथ, 12 साल बाद की घर वापसी

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। बॉलीवुड के मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता और वरिष्ठ नेता रामशरण नौटियाल ने आखिरकार कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। आज 19 अक्टूबर को दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली।कुछ दिन पहले ही रामशरण नौटियाल ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि वे जल्द ही कांग्रेस में शामिल होंगे। आज उन अटकलों पर विराम लग गया। रामशरण नौटियाल ने बीजेपी छोड़ने की वजह पार्टी में सम्मान न मिलना बताया था। उन्होंने कहा था कि जिस जगह 12 साल तक काम किया हो, उसे ऐसे ही नहीं छोड़ा जाता। 



अगर सम्मान नहीं मिलेगा तो किनारा करना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी में 'वन मैन शो' चल रहा है और उन्हें सार्वजनिक मंचों पर अपमानित किया गया।सूत्रों के मुताबिक, 30 सितंबर को उन्होंने अपना इस्तीफा अपने स्टेनोग्राफर के जरिए प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को भेजा था। भट्ट ने पहले इस्तीफा मिलने से अनभिज्ञता जताई थी, जिसके बाद रामशरण ने ई-मेल पर भी इस्तीफा भेजा था। रामशरण नौटियाल का कांग्रेस से पुराना नाता रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से ही की थी। वे उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं और लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहे। 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था।



2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें देहरादून जिले की चकराता विधानसभा सीट से टिकट दिया था। इस सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह से था। चुनाव में रामशरण को 27,417 वोट मिले थे, जबकि प्रीतम सिंह को 36,853 वोट मिले थे और वे दूसरे स्थान पर रहे थे। इसके अलावा वे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं और जौनसार-बावर क्षेत्र की राजनीति में उनका अच्छा-खासा प्रभाव माना जाता है। रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में जाने को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। चर्चा है कि कांग्रेस उन्हें चकराता की जगह विकासनगर या सहसपुर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतार सकती है। चकराता सीट परंपरागत रूप से कांग्रेस के प्रीतम सिंह का गढ़ मानी जाती है।



इस्तीफे से पहले रामशरण की एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता से मुलाकात भी चर्चा में रही थी। बताया जा रहा है कि वे देर शाम कांग्रेस नेता के घर पहुंचे और कई घंटे तक बातचीत की थी, जिसके बाद उनके पार्टी बदलने की अटकलें और तेज हो गई थीं। फिलहाल रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी से चकराता समेत पूरे जौनसार-बावर बेल्ट की सियासत गरमा गई है। अब देखना होगा कि कांग्रेस 2027 में उन्हें किस सीट से मौका देती है।

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