Ankita Bhandari Case: CM Dhami का कांग्रेस पर पलटवार, बोले- CBI जांच से होगा दूध का दूध पानी का पानी
अंकिता भंडारी हत्याकांड की चौथी बरसी पर CM पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा सरकार ने पहले दिन से सख्त कार्रवाई की, तीनों दोषियों को आजीवन कारावास हुआ और हाईकोर्ट से जमानत भी खारिज हुई। अंकिता के माता-पिता की मांग पर CBI जांच की सिफारिश की गई है, जिससे पूरा सच सामने आएगा। कांग्रेस ने न्याय मार्च निकालकर VIP के नाम के खुलासे में देरी का आरोप लगाया है।

देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की चौथी बरसी पर राज्य में एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस द्वारा निकाले गए ‘न्याय मार्च’ और CBI जांच में देरी के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर संवेदनशील मामले पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री धामी ने बुधवार को देहरादून में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार ने पहले दिन से इस केस में सबसे कड़ी कार्रवाई की है और किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वो बार-बार अंकिता के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकने की कोशिश कर रही है।
CM धामी ने कहा, “हमने पहले दिन से उस प्रकरण में जो सबसे अधिक प्रयास हो सकते थे, जो कानूनी कार्रवाई हो सकती थी वो सब करी है। अंकिता के माता-पिता की मांग पर हमने CBI जांच की भी सिफारिश की है। हमारे प्रशासन और पुलिस ने जो काम किया है, उसी का परिणाम है कि न्यायालय में तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा हुई है।” उन्होंने बताया कि कोटद्वार के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 30 मई 2025 को मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, रिजॉर्ट मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पिछले दिनों आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी डाली थी, जिसे अगस्त 2026 में खारिज कर दिया गया है। तीनों इस समय जेल में सजा काट रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता उनके लिए बहन-बेटी समान है और सरकार की संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। सरकार का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि बेटी को न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि CBI जांच से “दूध का दूध, पानी का पानी” हो जाएगा और पूरा सच सामने आएगा। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सरकार को घेरा है। 18 सितंबर को चौथी बरसी पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऋषिकेश के चीला बैराज के पास गंगा भोगपुर तल्ला से वनंत्रा रिजॉर्ट तक ‘न्याय मार्च’ निकाला। कांग्रेस का आरोप है कि इस हत्याकांड में शामिल कथित ‘VIP’ का नाम सामने लाने के लिए जनदबाव में जनवरी 2026 में CBI जांच की सिफारिश तो की गई, लेकिन एक साल बाद भी जांच की कोई प्रगति नहीं दिख रही है।
गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की जनता चार साल से उस VIP के नाम का इंतजार कर रही है, जिसके दबाव में अंकिता को ‘विशेष सेवाएं’ देने के लिए कहा गया था और मना करने पर उसकी हत्या कर दी गई। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा सरकार VIP का खुलासा नहीं करती है, तो कांग्रेस की सरकार आने पर सभी दोषियों को चिन्हित कर सजा दिलाई जाएगी। गौरतलब है कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास यमकेश्वर में स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। सितंबर 2022 में उसकी हत्या कर शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था और सरकार ने DIG स्तर की महिला IPS अधिकारी की अध्यक्षता में SIT का गठन किया था। SIT ने 88 दिनों में करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।
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