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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:50 · नई दिल्ली संस्करण

देहरादून: 'रन फॉर योग' में शामिल हुए सीएम धामी, कहा- योग का केंद्र है देवभूमि

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
देहरादून: 'रन फॉर योग' में शामिल हुए सीएम धामी, कहा- योग का केंद्र है देवभूमि

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले 'रन फॉर योग' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी हिस्सा लिया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 'रन फॉर योग' केवल एक दौड़ नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और योग को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त अभियान है। उन्होंने कहा कि उर्जा, उत्साह और इतनी बड़ी संख्या में आपकी मौजूदगी यह दर्शाता है कि आपके लिए स्वस्थ जीवन को लेकर कितने गंभीर हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि सहियों से ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। योग साधना और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही है। गंगा और यमुना की निर्मल धाराएं, हिमालय की दिव्य पर्वत श्रृंखलाएं और समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा मानवता को प्रकृति, स्वास्थ्य और आत्मिक संतुलन के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती है।

यही वजह है कि योग की सनातन परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने में उत्तराखंड हमेशा देश के अग्रणी राज्यों में रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करने वाली एक वैज्ञानिक, जीवनोपयोगी और जीवन पद्धति है। उन्होंने हजारों वर्ष पहले हमारे ऋषि-मुनियों की ओर से मानवता को दिया गया यह दिव्य ज्ञान आधुनिक जीवन की अनेक चुनौतियों का समाधान बनकर पूरी दुनिया का मार्गदर्शन कर रहा है।

सीएम धामी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भागवत में कहा है कि जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में संतुलन और समभाव बनाए रखना ही योग है।

इसी संतुलन से व्यक्ति अंदर से सशक्त, स्वस्थ, संयमित और सार्थक जीवन की ओर अग्रसर करता है। आज जब विश्व तनाव, अवसाद और अनेक तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है; तब योग भारत की उस सनातन ज्ञान परंपरा का प्रतीक बनकर ऊभरा है, जो संपूर्ण मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सुखी जीवन का मार्ग दिखा रही है।

सीएम ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योगाभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'रन फॉर योग' का उद्देश्य मात्र दौड़ना ही नहीं है, बल्कि स्वस्थ समाज, नशा मुक्त जीवन, अनुशासित दिनचर्या और सकारात्मक जीवन शैली का संपल्प लेना भी है। ऐसे कार्यक्रम हमें स्मरण कराते हैं कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और स्वस्थ नागरिक ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।

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