दिल्ली में स्कूटी टकराने को लेकर हुआ खूनी झगड़ा, 12 घंटे में दो खूंखार अपराधी और एक नाबालिग गिरफ्तार — पिस्टल, चाकू और कारतूस बरामद

दिल्ली में स्कूटी की मामूली टक्कर बना
खूनखराबे की वजह, 12 घंटे
में तीन आरोपी गिरफ्तार: हथियार
बरामद
नई दिल्ली, 30 जून 2025 — राजधानी
की सड़कों पर एक मामूली सी टक्कर ने जानलेवा रूप ले लिया। गीता कॉलोनी में बीते
शुक्रवार की रात 19 वर्षीय यश शर्मा की पीठ में चाकू घोंपकर निर्मम हत्या कर दी गई। यह वारदात न केवल दिल्ली की
कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि
यह भी दर्शाती है कि छोटी-छोटी कहासुनी कैसे खतरनाक अंजाम तक पहुँच सकती है।
घटना 27 जून की रात करीब 9:41 बजे की है जब यश अपने चचेरे भाई अमन शर्मा के साथ स्कूटी से घर लौट रहा था। रास्ते
में स्कूटी हल्के से रिहान नामक युवक को छू गई, जिसके बाद बात इतनी बिगड़ गई कि मोहम्मद अमान नामक लड़का चाकू लेकर दौड़ पड़ा, और लकी उर्फ हर्षु नाम का बदमाश पिस्टल निकाल लाया। दोनों
ने यश और उसके भाई का पीछा किया। यश जैसे-तैसे भागता हुआ गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के
पास पहुँचा, लेकिन उससे पहले ही अमान ने उसकी पीठ में चाकू घोंप दिया। खून से लथपथ यश को राह चलते लोगों ने RS
ग्रोवर अस्पताल, लक्ष्मी नगर पहुँचाया, मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी —
यश की मौत हो चुकी थी।
इस दर्दनाक वारदात की सूचना मिलते ही गीता कॉलोनी थाने में
हड़कंप मच गया। SHO इंस्पेक्टर सत्यवान लाठवाल के नेतृत्व में एक तेज़तर्रार टीम बनाई गई, जिसमें इंस्पेक्टर
अभिजीत सिंह, SI सतेन्द्र आर्य, SI अरविंद कुमार, SI जीतपाल,
ASI अनूप यादव और हेड कांस्टेबल सचिन जैसे अधिकारी शामिल थे। टीम ने घटनास्थल
की बारीकी से जांच की, चश्मदीदों के बयान लिए और आरोपियों की
तलाश में यमुना खादर के इलाके में जाल बिछाया।
28 जून को यानी घटना के महज़ 12 घंटे के भीतर, पुलिस
ने तीनों हमलावरों — मोहम्मद अमान, लकी
उर्फ हर्षु और एक 15 वर्षीय
नाबालिग को गिरफ्तार कर
लिया। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि विवाद स्कूटी टकराने से शुरू हुआ था और
गुस्से में आकर उन्होंने यश की जान ले ली। पुलिस को इनके पास से एक उन्नत पिस्टल, दो जिंदा
कारतूस और
हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी मिला है।
हैरत की बात यह है कि ये तीनों आरोपी बेहद गरीब तबके से आते हैं, शिक्षा
अधूरी है, और कोई रोज़गार नहीं करते। मोहम्मद अमान और लकी पहले भी आपराधिक
मामलों में लिप्त रह चुके हैं। एक वक्त स्कूल की किताबों में डूबे रहने वाले ये लड़के,
अब पुलिस रजिस्टर में अपराधी के रूप में दर्ज हो चुके हैं।
पूछताछ के दौरान मृतक यश शर्मा के भाई अमन ने यह भी आशंका जताई
कि इस हत्या के पीछे किसी
लड़की से जुड़ा विवाद भी
हो सकता है, हालांकि अब तक की जांच में ऐसा कोई सीधा
सुराग नहीं मिला है। पुलिस CDR और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से इस एंगल
की भी पड़ताल कर रही है।
शाहदरा के डीसीपी, IPS प्रशांत गौतम ने अपनी टीम की त्वरित और सफल कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा,"हिंसा और अराजकता के रास्ते पर चलने वालों को कानून कभी नहीं
छोड़ता।”





