मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 1:31 · नई दिल्ली संस्करण

रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल स्थगित, बातचीत के बाद मिला आश्वासन

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल स्थगित, बातचीत के बाद मिला आश्वासन

हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल परिसर में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले आठ दिनों से आंदोलन कर रहे पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों ने फिलहाल अपनी हड़ताल दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी है।

डॉक्टरों के देहरादून स्थित प्रतिनिधिमंडल की सरकार और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद उन्हें मांगों पर कार्रवाई के लिए 15 से 20 दिन का आश्वासन मिला है। इसके बाद डॉक्टरों ने हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया। पीजी रेजिडेंट डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

उनका कहना है कि अस्पताल में जिम्मेदारियों, लगातार बढ़ते कार्यभार और प्रशिक्षण के दौरान होने वाले खर्च को देखते हुए वर्तमान स्टाइपेंड पर्याप्त नहीं है। डॉक्टरों की प्रमुख मांग न्यूनतम एक लाख रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड किए जाने की है। इसी मांग को लेकर उन्होंने आठ दिन पहले हड़ताल शुरू की थी।

डॉक्टरों के अनुसार देहरादून में प्रतिनिधियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उनकी मांगों को रखा। वार्ता के दौरान अधिकारियों की ओर से 15 से 20 दिन के भीतर मामले में समाधान की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

आश्वासन मिलने के बाद पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि यह हड़ताल स्थायी रूप से समाप्त नहीं की गई है। यदि तय समय सीमा के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो वे दोबारा हड़ताल शुरू करने के साथ आगे की रणनीति तय करेंगे। फिलहाल सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिलने वाले निर्णय पर डॉक्टरों की नजर बनी हुई है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें