UP पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! 90 दिन में चुनाव, प्रधानों को राहत
UP पंचायत चुनाव पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश आया है। जस्टिस अजीत कुमार और गरिमा प्रसाद की बेंच ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को 3 महीने के भीतर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया। कोर्ट ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए रखने के 25 मई के शासनादेश को वैध ठहराया। 11 याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि OBC आयोग अपना काम जारी रखेगा, पर चुनाव 27% आरक्षण के तहत 90 दिन में होंगे।

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को आदेश दिया है कि प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 3 महीने यानी 90 दिन के भीतर संपन्न कराए जाएं। कोर्ट ने करीब 3 घंटे की मैराथन सुनवाई के बाद यह फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया। दरअसल यूपी में ग्राम पंचायतों का 5 साल का कार्यकाल मई 2026 में खत्म हो चुका है। कार्यकाल खत्म होने के बाद योगी सरकार ने 25 मई को शासनादेश जारी कर निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक (Administrator) नियुक्त कर दिया था।
सरकार के इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में कुल 11 याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिसमें 6 जनहित याचिकाएं (PIL) भी शामिल थीं। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि प्रधानों को प्रशासक बनाना लोकतंत्र के खिलाफ है और चुनाव तुरंत कराए जाएं। याचिकाओं में यूपी सरकार, निदेशक पंचायती राज, जिलाधिकारी और जिला पंचायती राज अधिकारी को पक्षकार बनाया गया था। हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को बड़ी राहत देते हुए कहा कि सरकार के शासनादेश में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। यानी चुनाव होने तक निवर्तमान ग्राम प्रधान ही प्रशासक के तौर पर काम करते रहेंगे। कोर्ट ने सभी 11 याचिकाओं को इसी शर्त के साथ निस्तारित कर दिया।
कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि पंचायत चुनाव मौजूदा कानूनी व्यवस्था और 27% OBC आरक्षण के तहत ही कराए जाएंगे। पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) अपनी सर्वे और रिपोर्ट का काम जारी रखेगा, लेकिन उसकी रिपोर्ट का इंतजार किए बिना चुनाव की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे चुनाव टलने की संभावना खत्म हो गई है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब गेंद राज्य निर्वाचन आयोग के पाले में है। आयोग को 3 महीने के भीतर मतदाता सूची का पुनरीक्षण, आरक्षण की सूची जारी करना और मतदान की तारीखों का ऐलान करना होगा। माना जा रहा है कि दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव - ग्राम प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य के लिए मतदान हो सकता है।
इस फैसले के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे लाखों दावेदारों में हलचल तेज हो गई है। सभी दल अपने-अपने स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुट गए हैं। नोट: चुनाव की सटीक तारीख और शेड्यूल के लिए राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
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