रामचरितमानस के अपमान से आहत थे, अब भगवा हुए - 3 बागी विधायक ने थामा बीजेपी का दामन
2027 चुनाव से पहले सपा को झटका। गौरीगंज से राकेश प्रताप सिंह, गोसाईगंज से अभय सिंह और कालपी से विनोद चतुर्वेदी ने आज अमेठी के गौरीगंज में बीजेपी जॉइन की। तीनों ने 2024 राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की थी, जिसके बाद सपा से निष्कासित थे। जॉइनिंग समारोह में स्मृति ईरानी और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी मौजूद रहे। मंच से तीनों ने सपा पर सनातन विरोधी होने और रामचरितमानस के अपमान का आरोप लगाया।

लखनऊ/अमेठी: 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। सपा के तीन बागी विधायक - गौरीगंज से राकेश प्रताप सिंह, गोसाईगंज से अभय सिंह और कालपी से विनोद चतुर्वेदी ने आज 14 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली है। गौरीगंज में राकेश प्रताप सिंह के आवास पर आयोजित भव्य सदस्यता ग्रहण समारोह में तीनों विधायकों ने बीजेपी की सदस्यता ली। कार्यक्रम में बीजेपी की राष्ट्रीय महामंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, यूपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, योगी सरकार में मंत्री दारा सिंह चौहान, प्रतिभा शुक्ला, दिनेश प्रताप सिंह और अमेठी जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला मौजूद रहे।
तीनों ने 2022 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीता था। राकेश प्रताप सिंह अमेठी की गौरीगंज सीट से लगातार तीन बार विधायक हैं, अभय सिंह अयोध्या की गोसाईगंज सीट से बाहुबली नेता माने जाते हैं, और विनोद चतुर्वेदी जालौन की कालपी सीट से दो बार के विधायक हैं। फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में तीनों ने पार्टी लाइन से हटकर बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। इसके बाद सपा ने जून 2025 में राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया था, तब से वे विधानसभा में असंबद्ध सदस्य के तौर पर थे। बीजेपी में शामिल होते ही तीनों नेताओं ने सपा पर तीखा हमला बोला।
अभय सिंह ने भारत माता की जय और जय श्री राम के नारों के साथ अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी का आचरण सनातन विरोधी रहा है। वहां रामचरितमानस को फाड़ने और जलाने जैसा काम हुआ। भर्ती में एक ही तरफ के लोगों को लिया जाता था, नौकरी उसी को मिलती थी जो चापलूसी करता था।" उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या की भोली-भाली जनता को बरगला कर सांसद बनाया गया, जिसका जवाब जनता आने वाले चुनाव में लाखों वोटों से देगी। दिल्ली में चल रहे आंदोलन को उन्होंने विदेशी फंडिंग से चलने वाला आंदोलन बताया।
विनोद चतुर्वेदी ने कहा, "जब पीएम मोदी ने राम मंदिर का उद्घाटन किया तो विधानसभा अध्यक्ष ने कहा जो दर्शन करना चाहे जा सकता है, लेकिन हाईकमान ने मना कर दिया। ये आस्था पर चोट थी। योगी जी ने जैसा विकास किया है, वैसा किसी ने नहीं किया। जनता को विकास चाहिए, इसलिए हम उस सरकार के साथ हैं।" राकेश प्रताप सिंह ने कहा, "98% लोग जो मेरा बूथ जिताते-हराते थे, उन्होंने कहा सपा छोड़ो और बीजेपी ज्वाइन करो। मेरे साथ करीब 1000 जनप्रतिनिधि और पूर्व जनप्रतिनिधि बीजेपी में आ रहे हैं।" उन्होंने दावा किया कि मंच पर लगभग एक दर्जन विधायक मौजूद रहेंगे।
इस जॉइनिंग को अवध से बुंदेलखंड तक का सियासी दांव माना जा रहा है। राकेश प्रताप सिंह का अमेठी में अपना बड़ा जनाधार है, अभय सिंह का प्रभाव अयोध्या समेत आसपास के जिलों में है, जबकि विनोद चतुर्वेदी बुंदेलखंड के बड़े ब्राह्मण चेहरे हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक अमेठी को जॉइनिंग के लिए चुनना गांधी परिवार के गढ़ में बीजेपी के शक्ति प्रदर्शन का संकेत है। माना जा रहा है कि तीनों विधायक 2027 में अपनी सीटों से बीजेपी के टिकट पर दावा करेंगे।
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