अयोध्या पहुंचे अखिलेश यादव! भागवत कथा सुन भक्ति में हुए लीन, संतों से लिया आशीर्वाद
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव मंगलवार को अयोध्या में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन कर व्यास पीठ का आशीर्वाद लिया और कथा श्रवण की। संतों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या संतों की नगरी है, यहां शांति मिलती है। सपा सभी धर्मों का सम्मान करती है। राजनीतिक जानकार इसे 2027 चुनाव से पहले सॉफ्ट हिंदुत्व रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।

अयोध्या। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में शामिल होकर संतों का आशीर्वाद लिया। अखिलेश के अचानक अयोध्या दौरे से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के पास एक प्रमुख संत द्वारा आयोजित की जा रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के समापन समारोह में अखिलेश यादव को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। दोपहर करीब 12 बजे अखिलेश यादव कथा स्थल पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले व्यास पीठ की परिक्रमा कर आचार्य से आशीर्वाद लिया और कुछ देर तक कथा का श्रवण किया।
कथा के दौरान आचार्य द्वारा जब भगवान श्रीकृष्ण के वृंदावन प्रसंग का वर्णन किया जा रहा था, तब अखिलेश यादव पूरी तरह से भक्ति में लीन नजर आए। कथा सुनने के बाद उन्होंने संत समाज को संबोधित भी किया। संतों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि "अयोध्या संतों की नगरी है, यहां आकर मन को शांति मिलती है। समाजवादी पार्टी हमेशा सभी धर्मों का सम्मान करती है और संतों के दिखाए मार्ग पर चलकर ही समाज में समरसता लाई जा सकती है। भागवत कथा हमें जीवन जीने की कला सिखाती है।" उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश का विकास तभी संभव है जब हम अपनी संस्कृति और परंपराओं को साथ लेकर चलें। उन्होंने संतों से प्रदेश की खुशहाली और तरक्की के लिए आशीर्वाद भी मांगा।
इस दौरान अखिलेश यादव ने हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन भी किए। हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने उन्हें अंगवस्त्र और प्रसाद भेंट किया। इस मौके पर उनके साथ सपा के कई स्थानीय विधायक, पूर्व मंत्री पवन पांडे और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। हालांकि, उनका यह दौरा पूरी तरह से धार्मिक बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। सपा लगातार पीडीए के साथ-साथ सॉफ्ट हिंदुत्व की रणनीति पर भी काम कर रही है। अखिलेश का अयोध्या जाकर भागवत कथा में शामिल होना और खुलेआम संतों से आशीर्वाद लेना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इससे पहले भी अखिलेश यादव कई बार अपने परिवार के साथ मंदिरों में दर्शन करने जा चुके हैं, लेकिन अयोध्या में किसी बड़ी धार्मिक कथा में उनकी यह पहली मौजूदगी है। कथा आयोजक संत ने बताया कि अखिलेश यादव ने धर्म और राजनीति से ऊपर उठकर सनातन संस्कृति के प्रचार के लिए संत समाज के प्रयासों की सराहना की। कथा स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कथा सुनने आए श्रद्धालुओं में भी अखिलेश यादव को देखकर उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने उनके साथ सेल्फी भी ली। करीब एक घंटे तक कथा स्थल पर रुकने के बाद अखिलेश यादव लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
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