UP Election 2027: पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने किया नई पार्टी का ऐलान, 403 सीटों पर लड़ेंगी चुनाव
पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने नई राजनीतिक पार्टी 'जन-सेवा न्याय पार्टी' का ऐलान किया है। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने बताया कि वह 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव सभी 403 सीटों पर लड़ेंगी। 2013 बैच की IAS रहीं दिव्या मिर्जापुर, गाजीपुर समेत कई जिलों में DM रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सिस्टम में रहकर बदलाव संभव नहीं, इसलिए राजनीति में आई हैं। उनकी पार्टी शिक्षा, महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नया मोड़ आ गया है। पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम 'जन-सेवा न्याय पार्टी' रखा है। दिव्या मित्तल के इस ऐलान के बाद यूपी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। लखनऊ के गोमती नगर स्थित एक प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिव्या मित्तल ने कहा कि उन्होंने ब्यूरोक्रेसी में रहते हुए सिस्टम को करीब से देखा है। उन्होंने कहा, "मैंने 10 साल तक सिस्टम के अंदर रहकर जनता की सेवा करने की कोशिश की, लेकिन मुझे एहसास हुआ कि असली बदलाव सिस्टम के बाहर से ही आएगा। इसलिए मैंने नौकरी छोड़कर राजनीति का रास्ता चुना है।"
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, संत कबीर नगर, गाजीपुर और बहराइच जैसे जिलों में जिलाधिकारी (DM) के पद पर रह चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वह अपने कड़क फैसलों, ईमानदार छवि और सोशल मीडिया पर सक्रियता के लिए जानी जाती थीं। हाल ही में उन्होंने VRS (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लेकर IAS की नौकरी छोड़ दी थी, जिसके बाद से ही उनके राजनीति में आने के कयास लगाए जा रहे थे। वह पहले भी कई बार शिक्षा और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठा चुकी हैं। दिव्या मित्तल ने अपनी नई पार्टी के 5 मुख्य एजेंडे बताए हैं: शिक्षा: सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों से बेहतर बनाना।
महिला सुरक्षा: हर जिले में महिला सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन: थाने और तहसील में भ्रष्टाचार खत्म करना। युवाओं को रोजगार: पेपर लीक पर सख्त कानून और सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता। किसानों की आय: किसानों के लिए सीधा मंडी सिस्टम। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि, पहले चरण में वह पूर्वांचल और बुंदेलखंड की 100 सीटों पर फोकस करेंगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिव्या मित्तल का आना सीधे तौर पर शहरी, पढ़े-लिखे और महिला वोट बैंक को प्रभावित करेगा। उनकी छवि एक ईमानदार अधिकारी की रही है, जिससे युवाओं में उनकी लोकप्रियता काफी है।
उनकी पार्टी BJP, SP, BSP और कांग्रेस, सभी के लिए एक नई चुनौती बन सकती है। खासकर उन सीटों पर जहां अधिकारी-नेता गठजोड़ से जनता नाराज है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में दिव्या मित्तल ने कहा, "मेरा मकसद मुख्यमंत्री बनना नहीं, बल्कि सिस्टम बदलना है। यूपी को एक ईमानदार और पढ़ा-लिखा नेतृत्व चाहिए।" अब देखना यह होगा कि IAS से नेता बनी दिव्या मित्तल क्या वाकई में यूपी की सियासत में कोई बड़ा बदलाव ला पाती हैं या नहीं।
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