बुआ-भतीजे में सुलह! मायावती ने आकाश आनंद को फिर दिया सबसे बड़ा पद
BSP में बड़ा उलटफेर। निष्कासित आकाश आनंद की पार्टी में वापसी हो गई है। मायावती ने माफ करते हुए उन्हें फिर राष्ट्रीय संयोजक बना दिया। 10 सितंबर को ससुर अशोक सिद्धार्थ विवाद में आकाश को पार्टी से निकाला गया था और छोटे भाई ईशान आनंद को संयोजक बनाया गया था। 2 अक्टूबर को आकाश ने भावुक पोस्ट में 'बुआ-मां' से माफी मांग कर कहा- BSP ही मेरा परिवार है, जिसके बाद मायावती पिघल गईं।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) में एक बार फिर बड़ा उलटफेर हुआ है। पार्टी से निकाले गए आकाश आनंद की BSP में वापसी हो गई है। BSP सुप्रीमो मायावती ने उन्हें माफ करते हुए फिर से पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। यह तीसरी बार है जब माफी के बाद आकाश की पार्टी में वापसी हुई है। दरअसल, 3 सितंबर 2026 को मायावती ने आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया था। उन्होंने कहा था कि आकाश को अभी और राजनीतिक परिपक्वता की जरूरत है। इसके बाद उनके ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बाहर किया गया। अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही 10 सितंबर को मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह मुक्त करने का ऐलान कर दिया था।
इसके बाद 23 सितंबर को मायावती ने आकाश के छोटे भाई ईशान आनंद को BSP का नया राष्ट्रीय संयोजक बना दिया था, जिससे सियासी हलकों में माना जा रहा था कि अब आकाश का पत्ता कट गया है। निष्कासन के करीब 3 हफ्ते बाद 2 अक्टूबर को आकाश आनंद ने X पर भावुक पोस्ट लिखकर मायावती से माफी मांगी। उन्होंने लिखा- "परम आदरणीय बहन जी, आप मेरी राजनीतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं और मेरी बुआ-मां भी हैं। राजनीति में जो कुछ सीखा आपसे सीखा।" आकाश ने दूसरी पार्टी में जाने की सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा, "मैं साफ कर देना चाहता हूं, मैं किसी दूसरे दल में नहीं जा रहा। न आज, न कभी। BSP मेरे लिए सिर्फ पार्टी नहीं, मेरा परिवार है।" उन्होंने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को निकालने के मायावती के फैसले का भी समर्थन किया और कहा कि रिश्तों से बड़ा मिशन है।
साथ ही सोशल मीडिया पर मायावती की पोस्ट रीपोस्ट न करने पर सफाई दी कि वह खुद सोशल मीडिया से दूर थे, उनकी चुप्पी को गलत समझा गया, इसके लिए वह क्षमा चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक मायावती आकाश की इस भावुक अपील से पिघल गईं। इससे पहले भी दो बार ऐसा हो चुका है। 2024 और मार्च 2025 में भी आकाश को हटाने के बाद माफी मांगने पर मायावती ने उन्हें दोबारा मौका दिया था। एक बार फिर उसी पैटर्न को दोहराते हुए मायावती ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है।BSP के लिए 2027 के यूपी चुनाव से पहले यह फैसला अहम माना जा रहा है। आकाश आनंद युवाओं में लोकप्रिय हैं और सोशल मीडिया पर उनकी पकड़ मजबूत है। मायावती ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताकर यह संदेश दिया है कि BSP में अनुशासन सबसे ऊपर है, लेकिन माफी और सुधार के बाद वापसी का रास्ता भी खुला है।





