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मंगलवार, 3 नवंबर 2026 · दोपहर 3:25 · नई दिल्ली संस्करण

रिटायरमेंट से पहले AP Singh ने उठाया जमीन का मुद्दा, फेयरवेल गोल्फ भी रद्द, राजनाथ से मिले

IAF की 40 एकड़ जमीन पर विवाद है। MoHUA दिल्ली के रेस कोर्स एयरफोर्स स्टेशन के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को वापस ले रहा है। इसे बंद कर दिया गया है। पूर्व एयर चीफ AP सिंह ने रिटायरमेंट से 5 दिन पहले 26 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर नियंत्रण बनाए रखने की अपील की थी। उनका फेयरवेल गोल्फ भी रद्द हुआ। कांग्रेस ने इसे IAF का अपमान बताया है।

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
रिटायरमेंट से पहले AP Singh ने उठाया जमीन का मुद्दा, फेयरवेल गोल्फ भी रद्द, राजनाथ से मिले

नई दिल्ली: राजधानी में प्रधानमंत्री आवास के करीब स्थित भारतीय वायुसेना की बेशकीमती जमीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामला नई दिल्ली के रेस कोर्स एयरफोर्स स्टेशन की करीब 40 एकड़ जमीन का है, जिस पर मौजूद एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को केंद्र सरकार वापस लेने जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रिटायरमेंट से ठीक 5 दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर वायुसेना का नियंत्रण बनाए रखने की अपील की थी। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एपी सिंह ने 26 अक्टूबर को रक्षा मंत्री को पत्र लिखा था। 



31 अक्टूबर को उनका कार्यकाल खत्म होना था। पत्र में उन्होंने साफ कहा कि रेस कोर्स स्टेशन सिर्फ खेल-कूद का अड्डा नहीं है, यह वायुसेना मुख्यालय को प्रशासनिक मदद देता है और 5,000 से ज्यादा कर्मियों की जरूरतों से जुड़ा है। यह स्टेशन ड्रोन खतरों से निपटने में भी मदद करता है और 1940 के दशक से वायुसेना के पास है। विवाद तब शुरू हुआ जब आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के तहत आने वाले भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने रेस कोर्स एयरफोर्स स्टेशन के भीतर मौजूद एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बंद करा दिया। पिछले बुधवार को कॉम्प्लेक्स को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया।



इसमें गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल, जिम और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं थीं जो सेवारत और रिटायर्ड अफसरों के इस्तेमाल में थीं। मंत्रालय ने L&DO के जरिए इस जमीन का सर्वेक्षण भी पूरा कर लिया है और बेदखली के नोटिस जारी किए हैं। सरकार का तर्क नहीं बताया गया है, लेकिन यह लुटियंस जोन में प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के आसपास की महंगी जमीनों को वापस लेने की बड़ी मुहिम का हिस्सा है। इससे पहले अगस्त में सरकार ने 53 एकड़ में फैले दिल्ली रेस क्लब को बेदखल किया था, जयपुर पोलो ग्राउंड को इंडियन पोलो एसोसिएशन से वापस लिया था और दिल्ली जिमखाना क्लब की 27 एकड़ जमीन पर भी बेदखली की प्रक्रिया शुरू की है।



इस विवाद का सीधा असर पूर्व एयर चीफ की विदाई पर भी पड़ा। परंपरा के मुताबिक निवर्तमान एयर चीफ को उनके पैट्रन-इन-चीफ होने के नाते फेयरवेल गोल्फ 'गोल्फिंग-आउट' दिया जाता है। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद होने से 28 अक्टूबर को होने वाला यह कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। हालांकि रेस कोर्स स्टेशन के परेड ग्राउंड में 31 अक्टूबर को एपी सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और 1 नवंबर को नए एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित को वहीं गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।



कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने X पर लिखा, "IAF स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का लंबा इतिहास है, मोदी सरकार की कार्रवाई बेहद शर्मनाक है और पूरे IAF परिवार के प्रति अपमान है।" अब यह मामला नए एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित के सामने चुनौती बना रहेगा। क्या रक्षा मंत्रालय MoHUA के इस कदम को रोककर जमीन वापस IAF को दिला पाएगा, इस पर सबकी नजर है।

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