दिल्ली में लॉकडाउन जैसे हालात, दिवाली कारोबार ठप्प होने का डर, व्यापारियों की अमित शाह से अपील
दिवाली से पहले धरना-प्रदर्शनों से दिल्ली के व्यापारियों में चिंता है। CTI ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिवाली तक बड़े प्रदर्शनों पर रोक लगाने और 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित "लहरा दो तिरंगा" मार्च की अनुमति न देने की मांग की है। CTI चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि इससे 20 लाख व्यापारी प्रभावित होंगे। कनॉट प्लेस, जनपथ, खान मार्केट समेत पूरे शहर का कारोबार ठप्प होने का डर है। हाल के प्रदर्शनों से 2000 करोड़ के नुकसान का दावा किया गया है।

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने गुरुवार 15 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को औपचारिक पत्र भेजा है। पत्र में दो बड़ी मांगें की गई हैं। पहली, दिवाली तक दिल्ली में किसी भी बड़े धरना-प्रदर्शन और मार्च पर रोक लगाई जाए। दूसरी, 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित "लहरा दो तिरंगा" मार्च को अनुमति न दी जाए। CTI का कहना है कि यह मार्च CJP द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR यानी वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में बुलाया गया है। जंतर-मंतर से परमिशन हटने के बाद आयोजकों ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे तिरंगा मार्च का ऐलान किया है।
बृजेश गोयल के मुताबिक इस मार्च को लेकर दिल्ली के करीब 20 लाख व्यापारियों में चिंता का माहौल है। कनॉट प्लेस, जनपथ, पालिका बाजार, खान मार्केट और लुटियंस दिल्ली समेत राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। CTI का दावा है कि हाल में हुए प्रदर्शनों से दिल्ली में लॉकडाउन जैसे हालात बन गए थे। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए, सड़कों पर बैरिकेडिंग हुई और जाम लग गया। इससे चांदनी चौक, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, करोल बाग, लाजपत नगर और कनॉट प्लेस में सन्नाटा पसर गया। संगठन के अनुसार दिल्ली में पड़ोसी राज्यों से रोजाना 3 से 4 लाख खरीदार आते हैं, लेकिन सुरक्षा और जाम के डर से न तो बाहरी ग्राहक पहुंचे और न ही स्थानीय लोग घर से निकले। सिर्फ एक दिन में सर्विस, हॉस्पिटैलिटी, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और रिटेल मिलाकर करीब 2,000 करोड़ रुपये का कारोबार ठप्प हो गया।
CTI ने कहा है कि अभी नवरात्रि, रामलीला और दिवाली का पीक शॉपिंग सीजन चल रहा है। यह पूरे साल के कारोबार का 30-40% हिस्सा होता है। ऐसे में किसी भी बड़े मार्च से व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। बाहर से आने वाले व्यापारियों के बीच भी असमंजस की स्थिति बन रही है। संगठन ने न सिर्फ गृह मंत्रालय, बल्कि CJP समेत सभी राजनीतिक दलों को भी पत्र लिखकर अपील की है कि दिवाली तक प्रदर्शन किसी दूसरे शहर में शिफ्ट कर दें। वहीं कनॉट प्लेस में प्रदर्शन रोकने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में भी याचिका दायर हुई है, जिस पर आज सुनवाई होनी है। फिलहाल सभी की नजरें गृह मंत्रालय और प्रशासन के फैसले पर टिकी हैं।
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