नाश्ता मिलते ही प्रदर्शनकारी बोले - 'एक चाय और 2 समोसा, दिल्ली पुलिस पर...'
बंगला साहिब के पास प्रदर्शन कर रहे लोगों को सुबह फ्री चाय-समोसा मिलते ही माहौल बदल गया। भूखे बैठे प्रदर्शनकारियों ने चाय पीते ही नारे लगाने शुरू कर दिए - 'एक चाय और 2 समोसा, दिल्ली पुलिस पर पूरा भरोसा'। जो लोग पुलिस के खिलाफ नारे लगा रहे थे, वही समोसा मिलते ही पुलिस की तारीफ करने लगे। वीडियो वायरल है, लोग कह रहे हैं - जहां समोसा, वहां समझौता।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अक्सर प्रदर्शन और नारेबाजी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार बंगला साहिब के पास चल रहे प्रदर्शन में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने सभी को हंसा दिया। सुबह से भूखे-प्यासे बैठे प्रदर्शनकारियों को जैसे ही फ्री नाश्ता मिला, उनके सुर ही बदल गए। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी सुबह 8 बजे से ही गुरुद्वारा बंगला साहिब के गेट के पास इकट्ठा थे। उनकी मांगें तो अलग थीं, लेकिन पेट में चूहे दौड़ रहे थे। इसी बीच दिल्ली पुलिस की ओर से वहां तैनात जवानों ने इंसानियत दिखाते हुए चाय और समोसे का इंतजाम करवा दिया।
फिर क्या था, चाय की पहली चुस्की और समोसे के पहले निवाले के साथ ही नारों का अंदाज बदल गया। जो लोग कुछ देर पहले तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगा रहे थे, वही अब कहने लगे - 'एक चाय और 2 समोसा, दिल्ली पुलिस पर पूरा भरोसा'। प्रदर्शन में शामिल एक युवक ने हंसते हुए कहा, "भाई साहब, भूखे पेट तो इंकलाब भी नहीं होता। पुलिस ने समोसा खिला दिया तो लगा कि हमारी आधी मांग तो मान ही ली गई।" वहीं एक बुजुर्ग प्रदर्शनकारी बोले, "समोसे में चटनी तेज थी, लेकिन दिल जीत लिया। हमारा विरोध सिस्टम से है, पुलिस से नहीं। उन्होंने तो हमारा पेट भर दिया।"
इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक हाथ में चाय का कप और दूसरे में समोसा लेकर प्रदर्शनकारी जमकर नारे लगा रहे हैं। पुलिस वाले भी पीछे खड़े होकर मुस्कुरा रहे हैं। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हमारा काम कानून व्यवस्था संभालना है। अगर कोई भूखा है तो उसे खाना खिलाना भी हमारी ड्यूटी का हिस्सा है। समोसे से शांति बनी रहे तो इससे अच्छी क्या बात है।" वैसे ये पहली बार नहीं है जब दिल्ली में खाने-पीने से प्रदर्शन का मूड बदला हो। इससे पहले भी किसान आंदोलन और अन्य प्रदर्शनों में लंगर और चाय ने बड़ा रोल निभाया है।
फिलहाल, इस 'समोसा-चाय समझौते' के बाद मौके पर शांति बनी हुई है। प्रदर्शनकारी भी खुश, पुलिस भी खुश। लोग सोशल मीडिया पर कमेंट कर रहे हैं - "जहां समोसा, वहां समझौता।" तो कोई लिख रहा है - "इसे कहते हैं चाय पर चर्चा का असली मॉडल।" कुल मिलाकर, इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दिल्ली में किसी भी बड़े से बड़े विवाद का हल एक अदद चाय और दो समोसे में छिपा हो सकता है।
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