MCD का बड़ा फैसला: महिलाओं के लिए 'पिंक पार्क' बनाएगा निगम, पुरुषों के जाने पर रोक
दिल्ली में MCD महिलाओं के लिए विशेष 'पिंक पार्क' बनाने जा रही है, जहां पुरुषों की एंट्री बंद रहेगी। हर जोन में एक ऐसा पार्क विकसित किया जाएगा। इन पार्कों में महिला गार्ड, CCTV और पिंक टॉयलेट की सुविधा होगी। MCD को शिकायतें मिल रही थीं कि कई पार्कों में महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। इसीलिए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, दिल्ली के बाकी हजारों पार्क पहले की तरह सभी के लिए खुले रहेंगे।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर एक बड़ी पहल होने जा रही है। दिल्ली नगर निगम (MCD) अब महिलाओं के लिए विशेष पार्क बनाने की तैयारी में है, जहां पुरुषों की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। यह पार्क पूरी तरह से महिलाओं के लिए समर्पित होगा। इस फैसले के बाद चर्चा तेज हो गई है कि क्या अब दिल्ली के पार्कों में पुरुषों की नो एंट्री होने वाली है? MCD के सूत्रों के मुताबिक, निगम ने दिल्ली के हर जोन में कम से कम एक 'पिंक पार्क' या 'महिला विशेष पार्क' बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह पार्क खासतौर पर महिलाओं और छोटी बच्चियों के लिए होगा। इन पार्कों में सुबह से शाम तक सिर्फ महिलाओं और 10 साल तक के बच्चों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
सुरक्षा के लिए पार्क में महिला गार्ड, महिला माली और महिला केयरटेकर तैनात किए जाएंगे। साथ ही पार्क में सीसीटीवी कैमरे, पिंक टॉयलेट और बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था होगी। दरअसल, MCD को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि दिल्ली के कई पार्कों में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। कई पार्कों में शाम के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता है, शराब पीने और छेड़छाड़ की घटनाएं भी सामने आती हैं। कई महिलाओं ने शिकायत की थी कि वे अपने घर के पास वाले पार्क में अकेले टहलने या व्यायाम करने में हिचकिचाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए MCD ने महिला-केवल पार्क की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य महिलाओं को एक सुरक्षित, स्वच्छ और निजी जगह देना है, जहां वे बिना किसी डर के सुबह की सैर, योग और व्यायाम कर सकें।
प्रारंभिक योजना के तहत दक्षिण दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली के ऐसे पार्कों को चिन्हित किया जा रहा है, जो पहले से ही थोड़े उपेक्षित हैं या जिनका इस्तेमाल कम होता है। उन पार्कों का पुनर्विकास कर उन्हें पिंक पार्क में बदला जाएगा। पहले फेज में 12 पार्कों पर काम शुरू होने की उम्मीद है। इन पार्कों में ओपन जिम, योगा शेड, बच्चों के लिए झूले और बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था भी की जाएगी। निगम का मानना है कि इससे महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। इस फैसले पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आ रही है। कई महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह एक बहुत अच्छी पहल है, इससे महिलाएं ज्यादा स्वतंत्रता के साथ पार्क का उपयोग कर पाएंगी।
वहीं, कुछ लोगों ने इसे लेकर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर इस तरह का बंटवारा सही नहीं है। पार्क सभी के लिए होने चाहिए, बजाय अलग करने के सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी चाहिए। MCD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह पुरुषों की नो एंट्री वाला फरमान नहीं है। दिल्ली के हजारों पार्क पहले की तरह ही सभी के लिए खुले रहेंगे। सिर्फ कुछ चुनिंदा पार्कों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया जा रहा है, ताकि उन्हें एक सुरक्षित विकल्प मिल सके। इस पर अंतिम फैसला MCD की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक के बाद लिया जाएगा।




