Pink Ticket का खेल खत्म! दिल्ली में महिलाओं को अब बस में ऐसे मिलेगा फ्री सफर
दिल्ली में महिलाओं के लिए फ्री बस सफर का नियम बदल गया है। अब पिंक पेपर टिकट बंद हो गया है। CM रेखा गुप्ता सरकार ने 4 अक्टूबर से पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड अनिवार्य कर दिया है। कार्ड को बस में टैप करने पर ही सफर फ्री होगा। कार्ड नहीं होने पर टिकट लेना होगा। NCR की महिलाओं को भी फ्री सुविधा नहीं मिलेगी।

दिल्ली में DTC और क्लस्टर बसों में महिलाओं के मुफ्त सफर को लेकर बड़ा बदलाव लागू हो गया है। दिल्ली सरकार ने गुलाबी कागज वाले 'पिंक पेपर टिकट' की वैलिडिटी खत्म कर दी है। अब महिलाओं को मुफ्त यात्रा के लिए 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' दिखाना और टैप करना अनिवार्य होगा। अगर कार्ड नहीं है तो किराया देकर टिकट लेना पड़ेगा। यह नया नियम 4 अक्टूबर से लागू हो गया है। परिवहन विभाग ने शनिवार को इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है। यह बदलाव दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (फ्री और रियायती पास) दूसरा संशोधन रेगुलेशन 2026 के तहत किया गया है। सीएम रेखा गुप्ता सरकार ने साफ किया है कि फ्री यात्रा की सब्सिडी को पारदर्शी बनाने और दुरुपयोग रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
क्या बदला है?2019 में तत्कालीन केजरीवाल सरकार ने महिलाओं के लिए पिंक टिकट शुरू किया था। बस में चढ़ते ही कंडक्टर पिंक टिकट दे देता था और यात्रा फ्री हो जाती थी। कोई ID नहीं लगती थी। अब सिस्टम पूरी तरह डिजिटल हो गया है। महिला को बस में चढ़ते ही अपने पास मौजूद NCMC बेस्ड पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड को कंडक्टर के पास मौजूद इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन पर टैप करना होगा। टैप होने पर ही यात्रा फ्री दर्ज होगी। कार्ड नहीं टैप किया तो यात्रा फ्री नहीं मानी जाएगी। किसे मिलेगा कार्ड? इस योजना का लाभ सिर्फ दिल्ली की निवासी महिलाओं को मिलेगा। इसके लिए शर्त है कि आवेदिका के आधार कार्ड पर दिल्ली का पता होना चाहिए। उम्र 12 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए। 5 साल से ज्यादा की बच्चियों को भी इसमें शामिल किया गया है।
ट्रांसजेंडर नागरिकों को भी यही सुविधा मिलेगी। आय की कोई सीमा नहीं है।नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद या किसी भी NCR शहर में रहने वाली महिलाओं को अब दिल्ली की बसों में फ्री सफर नहीं मिलेगा। भले ही वे रोज दिल्ली आती हों, उन्हें सामान्य यात्री की तरह टिकट लेना होगा, क्योंकि उन्हें पिंक सहेली कार्ड जारी नहीं किया जा रहा। कितने कार्ड बने?सरकार के मुताबिक अब तक 18.5 से 19 लाख से ज्यादा पिंक सहेली कार्ड जारी किए जा चुके हैं। दिल्ली में रोजाना औसतन 10 लाख महिलाएं बसों में सफर करती हैं, लेकिन अभी सिर्फ 5-6% महिलाएं ही कार्ड टैप कर रही थीं, इसलिए सरकार ने पेपर टिकट बंद करके इसे अनिवार्य कर दिया।
कार्ड कहाँ बनवाएं?पिंक सहेली कार्ड 50 से ज्यादा अधिकृत केंद्रों पर बन रहे हैं। इनमें DTC बस डिपो, SDM ऑफिस, कॉमन सर्विस सेंटर और कुछ बैंकों के काउंटर शामिल हैं। आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और OTP/बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद कार्ड तुरंत जारी हो रहा है। खास बात है कि यही कार्ड दिल्ली मेट्रो और नमो भारत (RRTS) में भी कॉमन मोबिलिटी कार्ड की तरह इस्तेमाल होगा, लेकिन मेट्रो में इसे रिचार्ज कराना होगा, फ्री नहीं है। अगर आपके पास कार्ड नहीं है तो आप बस में सामान्य टिकट लेकर भी यात्रा कर सकती हैं।





