अमेरिकी चुनाव से ओवैसी ने 2027 यूपी चुनाव का दिया संदेश-'अब्दुल अब दरी नहीं बिछाएगा...'
अमेरिका में मिशिगन से डॉ. अब्दुल अल-सैयद के पहले मुस्लिम सीनेटर बनने पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बयान दिया है। ओवैसी ने X पर लिखा - 'मिशिगन में अब्दुल जीत गया, अब यूपी के अब्दुल को भी अपनी सियासी पहचान मजबूत करनी होगी। अब्दुल अब दरी नहीं बिछाएगा।'डॉ. अब्दुल ने रिपब्लिकन माइक रोजर्स को हराया है। ओवैसी ने इसे 2027 यूपी चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि मुसलमान अब सिर्फ वोट बैंक नहीं, अपने MP-MLA खुद बनाएगा।

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में मिशिगन से डॉ. अब्दुल अल-सैयद की ऐतिहासिक जीत के बाद भारत में भी सियासत तेज हो गई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस जीत को उत्तर प्रदेश की राजनीति से जोड़ते हुए बड़ा बयान दिया है - 'अब्दुल अब दरी नहीं बिछाएगा'।दरअसल अमेरिका में डेमोक्रेट उम्मीदवार डॉ. अब्दुल अल-सैयद ने मिशिगन सीनेट सीट पर जीत दर्ज कर इतिहास रचा है। वह अमेरिका के इतिहास में पहले मुस्लिम सीनेटर बन गए हैं। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब्दुल को 51.97 फीसदी वोट मिले हैं। उनकी जीत के बाद ओवैसी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मिशिगन में एक अब्दुल जीत गया है, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को भी अपनी सियासी पहचान मजबूत करनी होगी।
संघियों ने बहुत कोशिश की 'अब्दुल' को ताना बना दें, अब वक्त आ गया है बताने का कि अब्दुल अल्लाह के सिवा किसी के सामने नहीं झुकता। अब दरी नहीं बिछाएंगे।" ओवैसी का यह बयान 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है। पिछले एक महीने से ओवैसी ने यूपी में कई रैलियां की हैं - श्रावस्ती, रामपुर, लखनऊ में। उनका नारा है - 'अब्दुल दरी नहीं बिछाएगा, अपने MP-MLA बनाएगा।' ओवैसी का सीधा आरोप समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर है। उनका कहना है कि पिछले 70-75 सालों से मुस्लिम समाज को सिर्फ वोट बैंक बनाकर रखा गया है। चुनावी सभाओं में दरी बिछाने, नारे लगाने और वोट देने के बाद उन्हें भुला दिया जाता है।
ओवैसी ने कहा, "मुसलमान अब किसी नेहरू, गांधी या यादव को अपना नेता नहीं बनाएगा। अपने बीच से नेता पैदा करेगा।" उन्होंने सवाल उठाया कि जब 200 से ज्यादा मदरसे सील हुए, 18 मदरसे तोड़े गए, तब समाजवादी पार्टी या कोई सेक्युलर पार्टी मदद को आगे क्यों नहीं आई।हालांकि समाजवादी पार्टी ने ओवैसी के 'अब्दुल' शब्द के इस्तेमाल पर कड़ा ऐतराज जताया है। सपा सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, "अब्दुल-अब्दुल क्या होता है? आप किसी कम्युनिटी का मजाक उड़ा रहे हैं।" 42 साल के अब्दुल अल-सैयद मिस्र मूल के पिता के बेटे हैं। उनका जन्म 31 अक्टूबर 1984 को मिशिगन में हुआ। वह डॉक्टर और पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन से पढ़ाई, रोड्स स्कॉलरशिप पर ऑक्सफोर्ड से पब्लिक हेल्थ में डॉक्टरेट। डेट्रॉइट शहर के हेल्थ कमिश्नर रहे, फिर 2018 में गवर्नर का चुनाव लड़ा लेकिन हारे। इस बार बर्नी सैंडर्स और एओसी जैसे प्रोग्रेसिव नेताओं ने उनका समर्थन किया। चुनाव में उन्हें इस्लामोफोबिक हमलों का भी सामना करना पड़ा, उनके नाम का मजाक उड़ाया गया, मुस्लिम ब्रदरहुड से लिंक का आरोप लगा, लेकिन उन्होंने अभियान को गैस और किराने की कीमतों जैसे आम लोगों के मुद्दों पर केंद्रित रखा।
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